शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का नारा काफी नहीं
जलवायु परिवर्तन पर गठित अंतरराष्ट्रीय पैनल (आईपीसीसी) की हालिया रिपोर्ट ने खतरे की घंटी बजाई है और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने और वैश्विक तापमान में तीव्र वृद्धि के खतरे को कम करने के लिए अधिक कारगर कदम उठाने की मांग रखी है। विकसित देशों ने इसके जवाब में वर्ष 2050 तक कार्बन उत्सर्जन […]
तरलता के मुकाबले बढ़त की रफ्तार में नरमी बड़ा जोखिम!
बीएस बातचीत भारत में बीएनपी पारिबा के प्रमुख (वैश्विक बाजार) आशुतोष टिकेकर का कहना है कि भारतीय बाजार में ताजा तेजी के लिए सिर्फ अन्य देशों में संरचनात्मक समस्याओं को कारण बताना उचित नहीं होगा। उन्होंने समी मोडक के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि बाजार के लिए दो बड़े जोखिम हैं रिकवरी की धीमी […]
चीन वैश्विक आर्थिक वृद्धि में किसी एक देश द्वारा किए जाने वाले योगदान में शीर्ष पर है। दुनिया के विनिर्माण केंद्र के रूप में और प्रमुख कारोबारी देश के रूप में वह वैश्विक मांग में बदलाव में सबसे अधिक योगदान देता है। वह लगभग सभी जिंसों के कारोबार में प्रमुख है। इस वर्ष चीन वैश्विक […]
बाजार में गिरावट का जोखिम बरकरार
सेंसेक्स ने पिछले हफ्ते 60,000 के आंकड़े को तकरीबन छू लिया था और निफ्टी 18,000 के करीब बंद हुआ। पिछले साल 23 मार्च को बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच सेंसेक्स फिसलकर 26,000 और निफ्टी 7,500 के करीब रह गया था। उस समय किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि दोनों सूचकांक इतनी जल्दी सर्वकालिक […]
तेजी बरकरार, बीएसई सेंसेक्स 54 हजार के पार
प्रमुख सूचकांकों में तीसरे दिन भी तेजी दर्ज की गई, क्योंकि डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट के बाद निवेशकों में जोखिम सहन करने की क्षमता को बढ़ावा मिला। निर्माण पीएमआई, जीएसटी संग्रह और गूगल मोबिलिटी डेटा जैसे संकेतकों में सुधार के बाद घरेलू आर्थिक परिदृश्य को लेकर उत्साह बढ़ा है। सेंसेक्स […]
अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करेगी लेकिन वे इस निर्णय के साथ की जाने वाली टिप्पणी को लेकर काफी उत्सुक होंगे। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तयशुदा दायरे से ऊपर चल रही है। विकसित देशों […]
सेबी के नए नियम से एएमसी पर दबाव
करीब 33 लाख करोड़ रुपये के देसी म्युचुअल फंड उद्योग को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नए नियमों के तहत अपनी ही योजनाओं में हजारों करोड़ रुपये निवेश करने पड़ सकते हैं। सेबी के बोर्ड ने पिछले महीने इस नियम को मंजूरी दी है। अभी फंड कंपनियों को हर योजना में […]
कोरोना की नई किस्म से अर्थव्यवस्था को जोखिम
हाल के महीनों में कमजोर हुई देश की आर्थिक बहाली को आगे और भी झटका लगने की आशंका है। रॉयटर्स की ओर से अर्थशास्त्रियों से कराई गई रायशुमारी से पता चलता है कि कोरोनावायरस की नई किस्म और महंगाई बढऩे से अर्थव्यवस्था पर खतरा बढ़ गया है। ताजा सर्वेक्षण के परिणामों से पता चलता है […]
केयर्न मामले ने उजागर कीं भारतीय राज्य की नाकामियां
इस महीने के आरंभ में फ्रांस की एक अदालत ने केयर्न एनर्जी के हक में फैसला सुनाया और पेरिस में भारत सरकार की परिसंपत्तियों को जब्त करने की इजाजत दे दी। भारत के लिए यह एक नई अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी थी। कुछ लोगों को यह तीन दशक पुराने दौर की पुनरावृत्ति लगी जब भारत भुगतान संतुलन […]
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जीरोम पॉवेल ने विधि निर्माताओं से कहा है कि मुद्रास्फीति अनुमान से थोड़ी ज्यादा रही है और वह अनवरत बनी हुई है। पॉवेल लगातार कह रहे हैं कि उच्च मुद्रास्फीति अस्थायी है और आने वाले महीनों में कीमतों में कमी आएगी। फेड की दरें तय करने वाली समिति […]