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अर्थव्यवस्था

वैश्विक संकेतों से बाजार को सहारा

लगातार तीन कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद आईटी व बैंंकिंग दिग्गजों में खरीदारी, विनिर्माण के आंकड़ों को लेकर आशावाद और अनुकूल वैश्विक संकेतों के बीच बेंचमार्क सूचकांकों में सोमवार को बढ़ोतरी दर्ज हुई। बेंचमार्क सेंसेक्स 831 अंक चढ़कर 60,138 पर बंद हुआ और इस तरह से सेंसेक्स में 1.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। […]

विशेष

एसएफबी बनाएं वित्तीय दिग्गज बनने का लक्ष्य: आर गांधी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व डिप्टी गवर्नर आर गांधी का मानना है कि लघु वित्त क्षेत्र में हासिल अनुभव को आधार बनाते हुए लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) को सार्वभौम बैंक बनने के बजाय वित्तीय दिग्गज बनने का लक्ष्य लेकर चलना चाहिए। गांधी ने बुधवार को बिजऩेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई सम्मेलन के एसएफबी सत्र को संबोधित […]

विशेष

एसएफबी का मॉडल कामयाब साबित हुआ

नोटबंदी और कोविड-19 महामारी जैसे तगड़े झटके झेलने के बाद लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) का मजबूत होकर उभरना इस बैंकिंग मॉडल की कामयाबी को दर्शाता है और आने वाले समय में इनके बड़ा बनने की उम्मीद भी बढ़ी है। बिजऩेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट सम्मेलन के चौथे दिन बुधवार को एसएफबी पर केंद्रित सत्र का यही […]

लेख

दरों पर यथास्थिति रहेगी बरकरार, घट सकता है नकदी समर्थन!

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें तय करने वाली इकाई फेडरल ओपन मार्केट कमिटी (एफओएमसी) ने यथास्थिति बरकरार रखी है मगर यह साफ कर दिया कि नवंबर से आर्थिक प्रोत्साहन वापस लेने की शुरुआत हो सकती है और 2022 के मध्य तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अगले दो वर्षों के दौरान नीतिगत […]

कंपनियां

रेटिंग सुधरने में लग सकते हैं डेढ़ साल

बीएस बातचीत भारत की रेटिंग ऋणात्मक से स्थिर करने के एक दिन बाद मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस के सॉवरिन रिस्क ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट क्रिश्चियन डी गुजमैन ने इंदिवजल धस्माना से बातचीत में कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि की बेहतर क्षमता, सरकार के कर्ज के बोझ में कमी के साथ टिकाऊ आधार पर कर्ज वहन […]

लेख

ऋण आवंटन बढ़ाने के लिए बैंक अपना रहे नए तरीके

भारतीय बैंकिंग जगत में 13 अगस्त को समाप्त पखवाड़े में ऋण-जमा अनुपात 69.92 था। इसका सीधा आशय है कि प्रत्येक 100 रुपये में बैंकों ने 69.92 रुपये उधार दिए हैं। क्या ऋण आवंटन का यह स्तर काफी कम है? एक वर्ष पहले मध्य अगस्त 2020 में ऋण-जमा अनुपात 82.06 था। इस वर्ष मध्य अगस्त में […]

अर्थव्यवस्था

वित्तीय समावेशन का आधा लक्ष्य पूरा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज सालाना सम्मिश्र वित्तीय समावेशन सूचकांक (एफआई-इंडेक्स) पेश किया, जिसमें देश में वित्तीय समावेशन की स्थिति को शामिल किया गया है। यह सूचकांक एकल संख्या का 0 से 100 की सीमा के बीच है, जिसमें शून्य का अर्थ पूरी तरह वित्तीय समावेशन से बाहर और 100 पूरी तरह वित्तीय समावेशन […]

लेख

बेहतर लेकिन सतर्क शुरुआत

अब तक 1,757 सूचीबद्ध कंपनियों ने चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं और उनसे यह संकेत मिलता है कि कारोबारी गतिविधियों में तेज इजाफा हुआ है। परिचालन राजस्व में 17 फीसदी बढ़ोतरी हुई और यह सालाना आधार पर बढ़कर 26.04 लाख करोड़ रुपये हो गया। कर पश्चात मुनाफे में 523 फीसदी का जोरदार इजाफा […]

वित्त-बीमा

क्रिप्टोकरेंसी में न करें 2 फीसदी से ज्यादा निवेश

भारत में अभासी मुद्राओं (क्रिप्टोकरेंसी) में निवेश करने वाले लोगों के सामने इस वक्त दो जोखिम खड़े हो गए हैं। पहला जोखिम तो उन खबरों ने पैदा कर दिया था कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को आभासी मुद्रा कारोबार से किसी तरह का वास्ता नहीं रखने का अनौपचारिक आदेश दिया है। हालांकि वह […]

बैंक

‘बैंकों के कर्ज की लागत हो सकती है 2.4 प्रतिशत’

स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स (एसऐंडपी) के मुताबिक कोविड की दूसरी लहर के कारण भारत की बैंकिंग व्यवस्था की कर्ज की लागत मार्च 2022 तक 2.2 प्रतिशत के आधार की तुलना में बढ़कर 2.4 प्रतिशत हो सकती है। एजेंसी ने कहा है कि महामारी के कारण अर्थव्यवस्था में मजबूत रिकवरी और कर्ज की स्थिति ठहर सकती है। […]