facebookmetapixel
Advertisement
FY28 की शुरुआत में आ सकते हैं पॉलिमर नोट, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया पूरा प्लान₹100 से रियल एस्टेट में निवेश का मौका, Edelweiss ने लॉन्च किया देश का पहला REITs फोक्स्ड फंड; समझें टैक्स नियमRepo Rate नहीं बदली, लेकिन RBI ने दे दिए बड़े इशारे! जानिए 10 बड़ी बातेंMeta ने मानी गलती, सरकार के सामने सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी; सेफ हार्बर’ पर भी मिला सख्त संदेशFranklin India NFO: कम जोखिम वाले डेट फंड में निवेश का मौका, SIP ₹500 से शुरूRBI MPC Meet: ब्याज दरें, बॉन्ड मार्केट, महंगाई और ग्रोथ पर क्या कहतें हैं म्युचुअल फंड्स?177.9 मिलियन डॉलर के साथ शाहरुख नंबर 1, जानें टॉप 5 रैंकिंग में कौन से सेलिब्रिटी हैं शामिल?PNB दे रहा 6.5% तक ब्याज, FCNR(B) FD पर SBI, HDFC और ICICI का क्या है ऑफर?DLF vs Godrej Properties vs Lotus Developers: किस रियल्टी शेयर में सबसे ज्यादा अपसाइड?एक में मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ, दूसरे में करीब 59% अपसाइड: Marico और Emami में कौन आगे?

वैश्विक संकेतों से बाजार को सहारा

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 11:48 PM IST

लगातार तीन कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद आईटी व बैंंकिंग दिग्गजों में खरीदारी, विनिर्माण के आंकड़ों को लेकर आशावाद और अनुकूल वैश्विक संकेतों के बीच बेंचमार्क सूचकांकों में सोमवार को बढ़ोतरी दर्ज हुई। बेंचमार्क सेंसेक्स 831 अंक चढ़कर 60,138 पर बंद हुआ और इस तरह से सेंसेक्स में 1.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। दूसरी ओर निफ्टी 258 अंकों की उछाल के साथ 17,929 पर बंद हुआ और निफ्टी में भी 1.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
संस्थागत बिकवाली और कुछ विदेशी ब्रोकरेज की तरफ से मूल्यांकन की चिंता का हवाला देते हुए डाउनग्रेडिंग के कारण बेंचमार्क सूचकांकों में तेज गिरावट आई थी। हालांकि सोमवार को जारी भारत की विनिर्माण गतिविधियों के आंकड़ोंं ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। परचेजिंग मैनेजर इंडेक्स सितंबर में बढ़कर 55.9 हो गया, जो सितंबर में 53.7 फीसदी था। 50 अंक से ऊपर विस्तार जारी है और यह लगातार चौथा महीना है जब इस आंकड़ें में विस्तार हुआ है। पीएमआई में बढ़ोतरी नए ऑर्डर व उत्पादन मेंं सुधार की पृष्ठभूमि में हुई। हालांकि ज्यादा इनपुट लागत लाभ पर असर डाल रही है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध पप्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, आज की तेजी ने हालिया बिकवाली के बाद निवेशकों को राहत दी है। आय के अच्छे सीजन और मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने आर्थिक सुधार को लेकर भरोसे में इजाफा किया। कंपनियों की टिप्पणियां लगातार बेहतर देेखने को मिल रही है और हर क्षेत्र के प्रबंधन मजबूत मांग के रुख की बात कर रहे हैं। आर्थिक चक्र के जोर पकडऩे से हमें लगता है कि कंपनियोंं की बढ़त की रफ्तार बनी रहेगी।
वैश्विक बाजारों में बढ़ोतरी दर्ज हुई क्योंंकि मजबूत आय ने महंगाई व आपूर्ति की चिंता दूर कर दी। निवेशक अमेरिका व अन्य देशोंं के केंद्रीय बैंंकों की बैठक पर नजर रखे हुए हैंं ताकि पता चले कि बॉन्ड खरीद कार्यक्रम मेंं कटौती किस तरह की रहने वाली है। फेडरल रिजर्व प्रोत्साहन पैकेज में कमी की अनपी योजना का ऐलान इस हफ्ते होने वाली बैठक में कर सकता है।
सोमवार को अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलन ने महामारी से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रिकवरी के प्रति भरोसा जताया।
विश्लेषकों ने कहा कि यह महंगाई पर फेड की प्रतिक्रिया होगी, जिस पर निवेशक बॉन्ड खरीद कार्यक्रम में कटौती से ज्यादा नजर रखे हुए हैं। फेडरल रिजर्व के अलावा बैंंक ऑफ इंगलैंज और ऑस्ट्रेलिया व नॉर्वे के केंद्रीय बैंकों की बैठक इस हफ्ते होगी।
एशियाई बाजारों में जापान का टॉपिक्स चढ़ा क्योंकि सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने राहत पैकेज की उम्मीद जगाई है। हेंगसेंग मेंं हालांकि गिरावट आई क्योंंकि चीन में कोविड के प्रसार ने सेंंटिमेंट पर असर डाला।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, हमें लगता है कि यह सुधार है और इसमें बदलाव तब होगा जब निफ्टी 18,100 के पार निकलता है और वहां टिकता है। इस बीच, बाजार के प्रतिभागी लगातार सतर्क रुख अपनाए हुए है। आगामी फेड की बैठक और आय आगे का रुख तय करेगी।
बाजार में चढऩे व गिरने वाले शेयरों का अनुपात मजबूत रहा।

Advertisement
First Published - November 1, 2021 | 11:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement