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बैंक

बैंकिंग व्यवस्था में नकदी डाल रहा रिजर्व बैंक

सरकार का व्यय सुस्त रहने, त्योहार के मौसम में नकदी की बढ़ी मांग, कर वसूली बढ़ने और मुद्रा बाजार में भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से कुल मिलाकर बैंकिंग व्यवस्था में अतिरिक्त नकदी करीब खत्म हो गई है। पिछले 5 दिन में रिजर्व बैंक ने रोजाना बैंकिंग व्यवस्था में औसतन 72,000 करोड़ रुपये डाले हैं। […]

बैंक

बैंकिंग प्रणाली में घटी नकदी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दैनिक परिचालन आंकड़ों से पता चलता है कि बैंकिंग प्रणाली में नकदी प्रवाह पिछले तीन साल में पहली बार कम दिखने लगा है। इससे संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था की वित्तीय स्थिति में ढांचागत बदलाव हो रहा है।  आरबीआई के मुद्रा बाजार परिचालन के दैनिक आंकड़ों से पता चलता है […]

कंपनियां

आरकैप के बोलीदाताओं ने मांगा और समय

वर्तमान में कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल के बोलीदाताओं ने अंतिम पेशकश पूरी करने के लिए ऋणदाताओं से कुछ अतिरिक्त समय की मांग की है। बैंकिंग सूत्रों ने कहा कि पीरामल समूह ने 12 सप्ताह के लिए समयसीमा बढ़ाने की मांग की है, जबकि निजी इक्विटी एडवेंट ने अगले साल जनवरी के अंत तक समय […]

कंपनियां

ओएनडीसी में बैंकों की दिलचस्पी

खरीदारों और विक्रेताओं के लिए एक स्वदेशी नेटवर्क बनाकर ऑनलाइन खरीद-फरोख्त को लोकतांत्रिक बनाने संबंधी केंद्र सरकार के प्रयास में बैंकिंग क्षेत्र की काफी दिलचस्पी दिख रही है। कई ऋणदाता इस नेटवर्क में हिस्सेदारी ले रहे हैं।  भारतीय ऋणदाता भी इस नेटवर्क के साथ तालमेल बिठाने और अवसर सृजित करने के लिए खरीदार प्लेटफॉर्म स्थापित […]

बैंक

जुलाई में हुआ क्रेडिट कार्ड से सबसे ज्यादा खर्च

जुलाई में क्रेडिट कार्ड से 1.16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो किसी भी महीने में अब तक का सबसे बड़ा खर्च है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चलता है कि जून की तुलना में इसमें 6.6 फीसदी और पिछले साल जुलाई के मुकाबले 54 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। […]

अर्थव्यवस्था

जमा दरों में अभी और बढ़ोतरी की गुंजाइश

 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा का मानना है कि इस वित्त वर्ष में ब्याज दरें सामान्य होने से मार्जिन में सुधार हो सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य कार्याधिकारी व प्रबंध निदेशक संजीव चड्ढा ने मनोजित साहा के साथ बातचीत में कहा कि क्रेडिट लागत में कमी जारी रहेगी, जिससे लाभप्रदता में सुधार […]

लेख

ग्राहकों को मिले बैंकिंग तंत्र के उत्पीड़न से आजादी

स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीयकरण बैंकिंग उद्योग के लिए सबसे बड़ा पड़ाव रहा। 19 जुलाई, 1969 की मध्यरात्रि को कम से कम 50 करोड़ रुपये की जमा पूंजी वाले 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। फिर 1980 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण का दूसरा दौर चला, जिसमें न्यूनतम 200 करोड़ रुपये की जमा पूंजी वाले छह […]

अर्थव्यवस्था

मुनाफा वृद्धि की घटी रफ्तार

पहली तिमाही के नतीजों की समीक्षा ► चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सालाना आधार पर कंपनियों का ► कुल मुनाफा 22.4 फीसदी बढ़ा ► बैंक, गैर-बैंकिंग ऋणदाता, तेल एवं एफएमसीजी फर्मों का अहम योगदान ► बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही की तुलना में कुल मुनाफा 16.9 फीसदी घटा कंपनियों की आय चालू वित्त […]

कंपनियां

खर्चे घटाने को सहायक इकाई शुरू करेगा एसबीआई

लागत यानी खर्च को ज्यादा कुशलता से संभालने के लिए देश का सबसे बड़ा ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) जल्द ही एक सहायक इकाई शुरू करेगा, जो मानव संसाधन जुड़े मसले देखेगी। एसबीआई की परिचालन और सपोर्ट इकाई को हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। सहायक इकाई शुरुआत में […]

लेख

अमेरिका में मारक महंगाई से जुड़ी पहेली की पड़ताल

मई के महीने की बात है जब अमेरिका में मुद्रास्फीति दर 8.6 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई। यह मुद्रास्फीति के लिए दो प्रतिशत की लक्षित दर के चार गुना से भी अधिक और पिछले 40 वर्षों का उसका सर्वोच्च स्तर है। आखिर ऐसे हालात किस प्रकार बनें? इन वर्तमान परिस्थितियों को समझने के लिए […]