facebookmetapixel
Advertisement
टाटा समूह के नए कारोबार मांग रहे बड़ी पूंजी, सेमीकंडक्टर से एयर इंडिया तक कई लाख करोड़ के निवेश पर नजरटीवी रेटिंग का संकट गहराया, सरकार की नई नीति के चलते विज्ञापन बाजार पर बढ़ी चिंताEditorial: कॉरपोरेट मुनाफे की रफ्तार तेज, निवेश पीछे; विनिर्माण को नई ताकत देना बड़ी चुनौतीरोजगार की नई राह बनेगा सेवा क्षेत्र, शिक्षा और स्वास्थ्य में छिपी बड़ी संभावनाएंउदारीकरण ने बदली दूरसंचार की तस्वीर, कभी फोन कनेक्शन के लिए सालों इंतजार करता भारत आज बना डिजिटल ताकतपरमाणु संयंत्रों के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट, सुरक्षा और निवेश दोनों पर फोकसFCNR (B) स्वैप सुविधा समय से पहले बंद, रुपये पर दबाव बढ़ा; सरकारी बॉन्ड यील्ड भी चढ़ीशेयर बाजार को मजबूत करने की तैयारी: SLBM का दायरा बढ़ाएगा SEBI, CAS को मिलेगी मजबूतीरिवॉल्विंग क्रेडिट पर रोक के प्रस्ताव से NBFC चिंतित, RBI को देंगे फीडबैकभाजपा ने बनाई नई टीम, 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे; स्मृति ईरानी महासचिव तो राम माधव बने उपाध्यक्ष

जमा दरों में अभी और बढ़ोतरी की गुंजाइश

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 4:15 PM IST

 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा का मानना है कि इस वित्त वर्ष में ब्याज दरें सामान्य होने से मार्जिन में सुधार हो सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य कार्याधिकारी व प्रबंध निदेशक संजीव चड्ढा ने मनोजित साहा के साथ बातचीत में कहा कि क्रेडिट लागत में कमी जारी रहेगी, जिससे लाभप्रदता में सुधार होगा। संपादित अंश

बीओबी ने पहली तिमाही में वैश्विक अग्रिम में 18 फीसदी की वृद्धि हासिल की है, उद्योग से अधिक। क्या दूसरी तिमाही में भी यही स्थिति जारी रहेगी? 
हम विकास के रुझान में मजबूती देख रहे हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार बेहतर वृद्धि हो सकती है। हालांकि यह याद रखना भी जरूरी है कि महामारी की दूसरी लहर के कारण पिछले वर्ष की पहली तिमाही सुस्त रही थी। जहां तक विकास का संबंध है हम कुछ नरमी देख सकते हैं। हां, यह पिछले साल की तुलना में बेहतर होगा।
 
कॉरपोरेट ऋण की मांग में भी सुधार हुआ है। क्या आपने नई परियोजनाओं के लिए मांग देखी है? 
पिछले कुछ वर्षों में, उद्योग में समेकन की प्रवृत्ति रही है। मजबूत खिलाड़ियों के बीच क्षमता मजबूत हो रही है। मजबूत खिलाड़ियों की ओर से निवेश की काफी मांग आ रही है। मांग है पर यह अभी कम है। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं क्षमता उपयोग में सुधार होता है, मांग का एक बड़ा हिस्सा इन क्षेत्रों से भी आएगा। यह ऋण की गुणवत्ता के लिए शुभ संकेत है। जहां तक खुदरा ऋण की बात है, असुरक्षित व्यक्तिगत ऋण में अच्छी वृद्धि देखी गई है। मोटे तौर पर हमने देखा है कि खुदरा ऋणों में कॉरपोरेट ऋण की तुलना में अधिक तेज वृद्धि है। यह प्रवृत्ति बनी रहेगी।  
 
बीओबी ने हाल में 6 फीसदी जमा दर की पेशकश करते हुए तिरंगा जमा योजना की घोषणा की। आपको लगता है कि इससे जमा दर में वृद्धि होगी या यही शीर्ष है? 
तरलता अधिशेष के कारण दरें वास्तिवक रूप से नकारात्मक थीं। यह ऐसी स्थिति नहीं थी जो अनिश्चितकाल तक जारी रह सकती थीं, या जारी रहनी चाहिए थी। इसमें सुधार होगा और दरें बढ़ेंगी। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे दरें बढ़ने की भी गुंजाइश रहेगी। यह अर्थव्यवस्था और बैंकिंग के लिए अच्छा होगा। 

Advertisement
First Published - August 26, 2022 | 11:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement