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कंपनियां

पिछड़ गईं एफएमसीजी कंपनियां

बीएसई एफएमसीजी इंडेक्स का हालिया प्रदर्शन बताता है कि इक्विटी निवेशकों का नजरिया भारत में उपभोग में होने वाली बढ़त को लेकर तेजी का नहीं है। हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, नेस्ले, ब्रिटानिया, डाबर, कोलगेट पामोलिव और टाटा कंज्यूमर जैसी अग्रणी एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों को ट्रैक करने वाला बीएसई एफएमसीजी इंडेक्स बड़े अंतर से बाजार से […]

ताजा खबरें

कोर्ट में जाएगा डिजिटल कर!

बजट में विदेशी डिजिटल ऑपरेटरों पर 2 प्रतिशत इक्वलाइजेशन लेवी लगाने को लेकर केंद्र सरकार के  स्पष्टीकरण के बाद इसकी संभावना बढ़ गई है। इसे न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। कुछ कंपनियां आगामी सप्ताहों में रिट याचिका दायर करने की संभावना तलाश रही हैं। लेवी के कथित अतिरिक्त क्षेत्रीय पहुंच के आधार पर […]

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लेख

राजकोषीय घाटा: कमी की योजना कितनी मुमकिन?

संसद में पेश किए गए 2021-22 के केंद्रीय बजट ने निजीकरण, परिसंपत्ति बिक्री और सरकार के राजकोषीय घाटे के पारदर्शी लेखांकन जैसी साहसी घोषणाओं को लेकर सुर्खियां बटोरीं। ऐसे में अब सरकार के राजस्व और व्यय के अनुमानों के अहम आंकड़ों की पड़ताल करने का समय है। क्या वास्तविक आंकड़े सरकार के दावों की पुष्टि […]

अर्थव्यवस्था

गरीब का ध्यान, उद्यमियों का सम्मान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस महीने पेश बजट को ‘पूंजीपतियों का बजट’ कहने वाले विपक्ष को आज आड़े हाथों लिया और उसके आरोप को बेबुनियाद करार दिया। राज्यसभा में बजट 2021-22 पर चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा समाज के सबसे […]

लेख

बजट पर इक्विटी निवेशकों और परिवारों की धारणा में बड़ा अंतर

देश में केंद्रीय बजट पेश करने को लेकर काफी चर्चा और हो-हल्ला होता है। ऐसा लगता है कि बाजारों और परिवारों को सरकार के लीक से हटकर बजट देने की अत्यधिक उम्मीद होती हैं। वित्तीय बाजार के निवेशक अपनी संपत्ति पर बजट के असर को लेकर दांव लगाते हैं और परिवारों को बड़ी उत्सुकता से […]

बाजार

सॉवरिन, पेंशन फंडों के निवेश में पेच

बजट में वेल्थ फंडों और पेंशन फंडों के लिए बुनियादी परियोजनाओं में निवेश से संबंधित नियम आसान बनाने की कोशिश की गई थी। हालांकि इनमें कुछ नियमों को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है। उदाहरण के लिए होल्डिंग कंपनी के जरिये बुनियादी परियोजनाओं में निवेश से कराधान के लिहाज से कुछ प्रतिकूल परिणाम हो सकते […]

कमोडिटी

सीमा शुल्क कटौती से चीन की इस्पात मिलों को लाभ!

केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री द्वारा की गई सीमा शुल्क में कटौती की घोषणा से चीन की इस्पात मिलों को फायदा हो सकता है। इस्पात की बढ़ती कीमतों के कारण सरकार को एमएसएमई के फायदे के लिए अद्र्ध-निर्मित उत्पादों से लेकर इस्पात की चादरों और लंबे उत्पादों के सीमा शुल्क में 2.5 से 5.5 प्रतिशत […]

वित्त-बीमा

आसान पूंजी उपलब्धता बरकरार रहेगी

बीएस बातचीत बाजार कारोबारियों ने सरकार द्वारा वृद्घि-समर्थक बजट पेश किए जाने के बाद राहत की सांस ली है, क्योंकि बजट का पूंजी बाजारों में निवेश के लिए किसी तरह का ज्यादा कर प्रभाव नहीं पड़ा है। करीब 100 अरब डॉलर की प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों वाले ऐशमोर गु्रप के शोध प्रमुख जॉन डेन ने पुनीत […]

कमोडिटी

सीमेंट में बनी रहेगी मजबूती

आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए वित्त वर्ष 2022 के केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे, सस्ते आवास और सड़क क्षेत्र पर जोर दिए जाने से घरेलू सीमेंट उद्योग की मजबूती बरकरार रहने की उम्मीद है। जानकारों का कहना है कि कीमत में वृद्धि के बावजूद सीमेंट की मात्रात्मक बिक्री दमदार रहने के आसार दिख […]