भारत की तीसरी सबसे बड़ी यात्री वाहन (पीवी) निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स उत्पादन बढ़ाने, संयंत्र परिचालन से जुड़ी बाधाओं को दूर करने पर जोर दे रही है। उसे हाल में पेश की गई सिएरा की मजबूत मांग दिख रही है और अपनी लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी पंच के नए कलेवर के लिए भी आकर्षण दिख रहा है।
इसके अलावा, पंच सीएनजी का इस कैटेगरी में पहला ऑटोमैटिक वेरिएंट पेश किया गया है। इससे यह कार (जिसकी पहले से ही लगभग 45 प्रतिशत बिक्री स्वच्छ तकनीक यानी ईवी और सीएनजी से होती है) अब 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पार कर जाएगी।
भारत का यात्री वाहन (पीवी) बाजार 2025 में रिकॉर्ड थोक बिक्री पर पहुंच गया। इसमें बिक्री अनुमानित 45.5 लाख वाहनों को पार कर गई और जीएसटी में कमी के बाद नई मांग की मदद से लगभग छह प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। लेकिन वाहन निर्माता उत्पादन की चुनौती का सामना कर रहे हैं। उन्हें क्षमता में कमी से जूझना पड़ रहा है।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ शैलेश चंद्रा का कहना है, ‘हमारे अधिकांश संयंत्र पूरी क्षमता से या उसके करीब काम कर रहे हैं। मजबूत और निरंतर मांग को पूरा करने के लिए – खासकर एसयूवी और स्वच्छ ईंधन वेरिएंट के लिए, हम मौजूदा संयंत्रों की बाधाओं को तेजी से दूर कर रहे हैं, भागीदार क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और जहां व्यावहारिक है, वहां ब्राउनफील्ड विस्तार की योजना बना रहे हैं।’
मंगलवार को टाटा मोटर्स ने पंच फेसलिफ्ट पेट्रोल और सीएनजी वर्जन पेश किए, जिनकी शुरुआती कीमत 5.5 लाख रुपये है।