facebookmetapixel
Advertisement
तेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडर

अधिग्रहण से अगले वर्ष रेवेन्यू 1.5 फीसदी बढ़ेगा, 5G और एआई पर दांव: एचसीएलटेक

Advertisement

भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता ने पिछले महीने दो कंपनियों को खरीदने के लिए लगभग 40 करोड़ डॉलर खर्च किए

Last Updated- January 13, 2026 | 10:43 PM IST
HCLTech

एचसीएलटेक के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक सी विजयकुमार ने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि हाल में किए गए बड़े अधिग्रहण अगले वित्त वर्ष के दौरान राजस्व में लगभग 1.5 प्रतिशत का योगदान देंगे। कंपनी कमजोर वृहद आर्थिक माहौल में राजस्व के नए क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है।

भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता ने पिछले महीने दो कंपनियों को खरीदने के लिए लगभग 40 करोड़ डॉलर खर्च किए। उसने ह्यूलिट पैकर्ड एंटरप्राइजेज (एचपीई) का टेलीकॉम सॉल्युशंस बिजनेस और क्लाउड सॉफ्टवेयर ग्रुप की इकाई जैस्परसॉफ्ट का अधिग्रहण किया। ये अधिग्रहण 5जी नेटवर्क ट्रांसफॉर्मेशन और डेटा तथा आर्टिफिशल इंटेलिजेंस इकाइयों में क्षमताएं बढ़ाने के लिए किए गए।

विजयकुमार ने मंगलवार को बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में कहा, ‘अधिग्रहण चौथी तिमाही या अगले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2026-27) की पहली तिमाही में पूरे हो जाएंगे। हमें लगता है कि इनसे अगले वित्त वर्ष के राजस्व में 1.5 प्रतिशत मदद मिलेगी।’

आईटी कंपनियां डाइवर्सिफाई करने और पारंपरिक राजस्व खंड से आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि धीमी रही है। इसका नतीजा यह भी हुआ है कि उन्होंने उसी समय कमजोर एक अंक की वृद्धि दर्ज की है। टीसीएस भी डेटा सेंटर में डाइवर्सिफाई कर रही है जबकि इन्फोसिस और दूसरी कंपनियां एक वर्टिकल के तौर पर साइबरसिक्योरिटी या भौगोलिक क्षेत्र के तौर पर ऑस्ट्रेलिया में विस्तार करने पर जोर दे रही हैं।

उन्होंने बताया कि ट्रेडिशनल या पुराने एरिया में खर्च स्थिर रहा है और बिगड़ा नहीं है। कुछ इंडस्ट्री में बहुत ज्यादा तेजी दिख रही है। एक समय बाद खर्च की फिर वापसी होगी। हम ग्रोथ के नए रास्ते खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

एचपीई के साथ यह समझौता एचसीएल टेक को वैश्विक संचार सेवा प्रदाताओं के लिए अपनी इंजीनियरिंग और एआई-आधारित नेटवर्क पेशकश को मजबूत बनाने में मदद करेगा। दूरसंचार व्यवसाय ने राजस्व में 12 प्रतिशत का योगदान दिया और यह 11.7 प्रतिशत की सबसे तेज गति से बढ़ा। दूसरी ओर जैस्परसॉफ्ट को खरीदने से एचसीएल सॉफ्टवेयर के डेटा डिवीजन एक्टियन को अपने मेटाडेटा मैनेजमेंट, डेटा कैटलॉग और डेटा गवर्नेंस सॉल्युशंस की बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।

गार्टनर के विश्लेषक डीडी मिश्रा ने कहा, ‘क्षेत्रीय बाजार में पैठ बनाने और ग्राहक-केंद्रित बदलावों पर एचसीएल टेक का रणनीतिक फोकस डिजिटल बदलाव के प्रति लंबे समय की प्रतिबद्धता की ओर इशारा करता है, जो सिर्फ मजबूत राजस्व वृद्धि पर निर्भर नहीं है।’

Advertisement
First Published - January 13, 2026 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement