Advertisement
एल्युमीनियम उद्योग पर ‘ईंधन’ की मार: LPG और PNG की किल्लत से 25 फैक्ट्रियां बंद, उत्पादन हुआ आधायूरिया उत्पादन पर संकट: गैस की कमी से आधी क्षमता पर चल रहे संयंत्र, खेती पर पड़ सकता है असरLPG संकट का असर: कैंटीन में बायोगैस अपना रही कंपनियां, कैपजेमिनाई और इन्फोसिस ने शुरू की पहलट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम: होर्मुज जलमार्ग खोलो वरना ईरान के ऊर्जा संयंत्र होंगे ‘नेस्तनाबूद’पश्चिम एशिया संकट के बीच में PM मोदी ने मंत्रियों संग की बैठक, ईंधन और खाद्य सुरक्षा पर हुआ बड़ा मंथनअमेरिका से छूट मिलने के बाद ईरान से फिर कच्चा तेल खरीदेगा भारत, रिफाइनरियों ने कसी कमरवजन घटाना हुआ 90% तक सस्ता: भारत में सेमाग्लूटाइड का पेटेंट खत्म, 15 कंपनियों ने उतारी जेनेरिक दवाएंहथियारों और तेल के भंडार की लड़ाई: ईरान युद्ध कब रुकेगा, किसी को नहीं पताEditorial: HDFC Bank के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के जाने से गवर्नेंस पर उठे सवालविश्व गुरु बनने का हमारा-आपका भ्रम: वाकई भारत अपनी क्षमता से बढ़कर वैश्विक मंच पर प्रदर्शन कर रहा है?
अन्य समाचार हिंद महासागर तटीय संघ में कोमोरोस हुआ शामिल
'

हिंद महासागर तटीय संघ में कोमोरोस हुआ शामिल

PTI

- November,02 2012 1:13 PM IST

कोमोरोस पश्चिमी हिंद महासागर में मौजूद चार द्वीपों और कई छोटे टापूओं का समूह है। इसकी सदस्यता को संगठन के 19 सदस्यों ने इसकी मंत्रीस्तरीय बैठक के दौरान निर्विवादित रूप से अपनी सहमति दे दी।

कोमोरोस द्वीपसमूह की कुल जनसंख्या सात लाख से ज्यादा है और यहां के लोगों की मुख्य आर्थिक गतिविधियों में कृषि शामिल है। ये फसलें घरेलू उपभोग और निर्यात दोनों के लिए उगाई जाती हैं।

कोमरोस परफ्यूम बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेल यलांग-यलांग का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है। इसके अलावा वनीला बनाने वाले देशों में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

कोमरोस को इस संघ में शामिल करने के अलावा आज होेने वाली बैठक में एक और अहम निर्णय लिया जाएगा। यह निर्णय इस संघ में अमेरिका को बतौर वार्ता सहयोगी शामिल करने से जुड़ा है।

वर्तमान समय में इस समूह के वार्ता सहयोगियों में चीन, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस और मिस्र शामिल हैं।

इस समूह का पर्याप्त आर्थिक और रणनीतिक महत्व होने के कारण अमेरिका भी इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए उत्सुक है।

इस समूह के मुख्य सदस्य हैं-भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिणी अफ्रीका, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैंड, सिंगापुर, ईरान, केन्या, इंडोनेशिया, मॉरिशस और मलेशिया।

तेल के परिवहन और वैश्विक व्यापार की दृष्टि से हिंद महासागर काफी महत्व रखता है। भारत का तो 97 फीसदी अंतरर्राष्ट्रीय व्यापार इसी के रास्ते होता है।

भाषा

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement