Advertisement
शॉर्ट टर्म कमाई पर दबाव संभव पर लॉन्ग टर्म संभावनाएं मजबूत: चिराग सीतलवाडSUV मांग से चमका Mahindra & Mahindra, ट्रैक्टर सेगमेंट में जोखिम के बावजूद ब्रोकरेज बुलिशDMart का तिमाही नतीजा रहा है बेहतर, फिर भी ब्रोकरेज बंटे; शेयर में उतार-चढ़ावMSCI EM इंडेक्स में पैसिव निवेश खींचने में भारत पर भारी पड़ी अकेली ताइवानी कंपनीअमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से रुपये की 5 दिन की गिरावट थमी, बॉन्ड में भी आई तेजीECLGS 5.0 से MSME लोन में तेजी की उम्मीद, बैंकिंग सेक्टर को मिलेगा बड़ा सहाराअमेरिका-ईरान में शांति के आसार से चढ़े बाजार, सेंसेक्स 941 अंक उछला, तेल में गिरावटविदेशी विश्वविद्यालयों के भारत आने से बढ़ेगी फैकल्टी डिमांड, वेतन और प्रतिस्पर्धा में आएगा उछालभारत-वियतनाम संबंधों में नया अध्याय: 25 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य, रक्षा और डिजिटल सहयोग को मिली रफ्तारगारंटी मिले तभी देंगे Vodafone Idea को कर्ज, बैंक मांग रहे प्रमोटर सपोर्ट
अन्य समाचार हिंद महासागर तटीय संघ में कोमोरोस हुआ शामिल
'

हिंद महासागर तटीय संघ में कोमोरोस हुआ शामिल

PTI

- November,02 2012 1:13 PM IST

कोमोरोस पश्चिमी हिंद महासागर में मौजूद चार द्वीपों और कई छोटे टापूओं का समूह है। इसकी सदस्यता को संगठन के 19 सदस्यों ने इसकी मंत्रीस्तरीय बैठक के दौरान निर्विवादित रूप से अपनी सहमति दे दी।

कोमोरोस द्वीपसमूह की कुल जनसंख्या सात लाख से ज्यादा है और यहां के लोगों की मुख्य आर्थिक गतिविधियों में कृषि शामिल है। ये फसलें घरेलू उपभोग और निर्यात दोनों के लिए उगाई जाती हैं।

कोमरोस परफ्यूम बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेल यलांग-यलांग का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है। इसके अलावा वनीला बनाने वाले देशों में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

कोमरोस को इस संघ में शामिल करने के अलावा आज होेने वाली बैठक में एक और अहम निर्णय लिया जाएगा। यह निर्णय इस संघ में अमेरिका को बतौर वार्ता सहयोगी शामिल करने से जुड़ा है।

वर्तमान समय में इस समूह के वार्ता सहयोगियों में चीन, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस और मिस्र शामिल हैं।

इस समूह का पर्याप्त आर्थिक और रणनीतिक महत्व होने के कारण अमेरिका भी इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए उत्सुक है।

इस समूह के मुख्य सदस्य हैं-भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिणी अफ्रीका, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैंड, सिंगापुर, ईरान, केन्या, इंडोनेशिया, मॉरिशस और मलेशिया।

तेल के परिवहन और वैश्विक व्यापार की दृष्टि से हिंद महासागर काफी महत्व रखता है। भारत का तो 97 फीसदी अंतरर्राष्ट्रीय व्यापार इसी के रास्ते होता है।

भाषा

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement