Business Standard
Advertisement
डोमिनोज पिज्जा-पोपायेज की दमदार ग्रोथ से जुबिलेंट फूडवर्क्स के शेयर में 6% उछाल, क्या ₹625 तक जाएगा भाव?दमदार नतीजों के बूते उछला LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, 8% दौड़ा शेयर, क्या करें निवेशक?टेक्नोक्रॉफ्ट वेंचर्स IPO की 34% प्रीमियम पर लि​स्टिंग, निवेशकों को पहले ही दिन अच्छा मुनाफाएन चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा संस की जमकर हुई कमाई! मिला ₹2.71 लाख करोड़ का डिविडेंड10 मिनट में सामान पहुंचने के दौर में भी किराना दुकानें क्यों नहीं हारेंगी? रिपोर्ट में सामने आई बड़ी वजहटाटा मोटर्स पीवी का शेयर 5% टूटा, कमजोर नतीजों के बाद क्या करें निवेशक?लीप इंडिया आईपीओ की ठीक-ठाक शुरुआत, 159 रुपये का शेयर 166 रुपये पर हुआ लिस्ट2026 में टूटेगा गर्मी का रिकॉर्ड! अल-नीनो ने बढ़ाई टेंशन, 69% पहुंची सबसे गर्म साल बनने की संभावनादुनिया का ‘इमरजेंसी ऑयल कुशन’ लगभग खत्म? 400 मिलियन बैरल में से 350 मिलियन बैरल बाजार ने सोख लिएजेटवर्क की IPO से ₹2,600 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में नए सिरे से दाखिल किया ड्राफ्ट पेपर
अन्य समाचार उत्तर भारत 2022 की गर्मियों में देश का सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा : सीएसई
'

उत्तर भारत 2022 की गर्मियों में देश का सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा : सीएसई

PTI

- August,25 2022 4:34 AM IST

24 अगस्त (भाषा) सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने अपने नये विश्लेषण में कहा है कि 2022 की गर्मियों में उत्तर भारत देश का सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा और उसमें दिल्ली-एनसीआर का क्षेत्र प्रमुख रहा।

पर्यावरण से जुड़े थिंक टैंक ने कहा कि गर्मियों में उत्तर भारत में प्रदूषकारी तत्व पीएम2.5 की मात्रा 71 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।

सीएसई ने कहा कि पूर्वी भारत में यह 69 माइक्रोग्राम, पश्चिमी भारत में 54 माइक्रोग्राम और मध्य भारत में 46 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा।

उसने बताया कि पूर्वोत्तर भारत में यह 35 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और दक्षिण भारत में यह 31 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।

उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। इस दौरान भिवाड़ी में पीएम2.5 की मात्रा सबसे ज्यादा 134 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही।

मानेसर में पीएम2.5 की मात्रा 119 माइक्रोग्राम, गाजियाबाद में 101 माइक्रोग्राम, दिल्ली में 97 माइक्रोग्राम, गुरुग्राम में 94 माइक्रोग्राम और नोएडा में 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।

दिल्ली-एनसीआर में गर्मियों में पीएम2.5 की मात्रा दक्षिण भारत के शहरों के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा रही।

भाषा अर्पणा अविनाश

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement