स्वतंत्रता पूर्व अंग्रेजों के शासनकाल में बदरपुर का किला बांग्लादेश के सिलहट जिले का एक महत्वपूर्ण रेल और व्यापारिक केन्द्र था।
करीमगंज के उपायुक्त संजीव गोहैन बरूआ ने यहां पीटीआई को बताया कि किले की बुनियादी संरचना मुगल शैली की है।
करीमगंज जिला प्रशासन ने हाल ही में 18वीं शताब्दी के इस किले के जीर्णोद्धार के लिए राज्य पुरातत्व निदेशालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से संपर्क किया।
बरूआ ने बताया हम लोगों ने एएसआई अधिकारियों से बात की और विशेषग्यों का एक दल जल्दी ही यहां सर्वेक्षण और किले के जीर्णोद्धार की योजना का खाका तैयार करने के लिए दौरा करेगा।
उन्होंने बताया कि यह किला बदरपुर रेलवे स्टेशन के निकट जहां स्थित है वहां से राष्ट्रीय राजमार्ग 44 और राष्ट्रीय राजमार्ग 53 गुजरते हैं । बरूआ ने कहा ऐसी उम्मीद है कि बांग्लादेश का भारत के साथ साझा इतिहास होने के कारण वहां के पर्यटकों की इसमें काफी रूचि होगी।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा इस धरोहर के नजदीक ही स्थित एक और विरासत स्थल डाक बंगला में भी एक संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। इसका इस्तेमाल वर्तमान में सर्कल कार्यालय के रूप में किया जा रहा है।