लखनउु, 13 अक्तूबर .ंभाषा.ं उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति तथा अन्य अनुदान हासिल करने के लिये कागजों पर बनाये गये 118 मदरसों के फर्जी पाये जाने के रहस्योद्घाटन के बाद राज्य सरकार ने इस कदाचार को रोकने की मजबूत पहल करते हुए अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं के लिये वजीफा योजना को ऑनलाइन कर दिया है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव देवेश चतुर्वेदी ने ुभार्षां को बताया कि मौजूदा शिक्षण सत्र 2013 14 से मदरसों में छात्रवृत्ति योजना को और अधिक पारदर्शी बनाये जाने के लिये आवेदन को आनलाइन कर दिया गया है। अब पात्र छात्र छात्राओं को सीधे इंटरनेट के जरिये छात्रवृत्ति के लिये आवेदन करना होगा।
चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक को गत 10 अक्तूबर को लिखे पत्र में कहा है कि ऑनलाइन व्यवस्था के तहत पात्र छात्र छात्रा द्वारा ऑनलाइन आवेदन पेश करने के बाद उसकी हार्ड कापी विद्यालयों के माध्यम से जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को उपलब्ध करायी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आवेदन पत्रों का परीक्षण करके जिला स्तरीय समिति का अनुमोदन प्राप्त करेंगे और फिर उसे नेशनल इन्फारमेटिक्स सेंटर की वेबसाइट पर अपलोड कराएंगे। इस अपलोड सूचना के आधार पर वजीफे की धनराशि विद्यालय प्रशासन के बजाय सीधे पात्र छात्र छात्राओं के व्यक्तिगत बैंक खाते में भेजी जाएगी।
चतुर्वेदी ने बताया कि यह व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी तथा लाभार्थी समेत सभी जानकारी ऑनलाइन कम्प्यूटर पर उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने बताया कि इससे मदरसों में छात्रवृत्ति के नाम पर होने वाले घपलों और घोटालों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।