राष्ट्रीय जांच एजेंसी :एनआईए: ने गिरफ्तार आरोपियों की आरोप मुक्त करने की अर्जियांे पर ऐतराज नहीं जताते हुए कहा कि उसके द्वारा जुटाए गए सबूत इससे पहले महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता :एटीएस: और सीबीआई द्वारा एकत्र किए गए सबूत के अनुरूप नहीं हैं, जिसने इनके खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की थी।
नौ आरोपियों की आरोपमुक्त करने की अर्जियों के जवाब मंे आतंकवाद निरोधक एजेंसी ने विशेष एनआईए अदालत को बताया कि आगे की जांच मंे चूंकि एनआईए द्वारा जुटाए गए सबूत एटीएस और सीबीआई के सबूत के अनुरूप नहीं हैं, इसलिए अदालत इस मामले में उचित आदेश दे सकती है।
एजेंसी ने कहा कि एटीएस और सीबीआई द्वारा दाखिल की गई अंतिम रिपोर्टों में निकाले गए निष्कर्षों के समर्थन में उसे कोई सबूत नहीं मिला है। इन दोनों एजेन्सियों ने ही पहले इस मामले की जांच की थी तथा आरोपियों के अभियोजन की सिफारिश की थी।
ये आरोपी 8 सितंबर 2006 के विस्फोटों के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए थे। इन विस्फोट में 37 लोग मारे गए थे और 125 घायल हो गए थे।
बहरहाल, न्यायाधीश वाई डी शिंदे ने इस मामले की सुनवाई अगले महीने के लिए स्थगित दी है।