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मारुति सुजूकी की बढ़ी चुनौती

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Last Updated- December 12, 2022 | 2:02 AM IST

आर्थिक वृद्घि में नरमी और कोविड-19 के प्रभाव की वजह से भारत की सबसे बड़ी यात्री कार निर्माता मारुति सुजूकी को करीब दो दशकों में अपनी सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। कार निर्माता का वाहन उत्पादन वित्त वर्ष 2021 में लगातर तीसरे वर्ष गिरावट का शिकार हुआ, जबकि कुल बिक्री कारोबार में लगातार दूसरे वर्ष दबाव देखा गया।
वित्त वर्ष 2021 में कंपनी का वाहन उत्पादन 11 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर दर्ज किया गया, जबकि यात्री वाहनों की बिक्री वित्त वर्ष 2015 के बाद से सबसे कम रही। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष 10.76 लाख वाहनों का निर्माण किया, जो एक साल पहले के 11.71 लाख के आंकड़े और वित्त वर्ष 2018 के 16.2 लाख के सर्वाधिक ऊंचे स्तरों से काफी कम है। 

कम बिक्री के अनुरूप, कंपनी की शुद्घ बिक्री वित्त वर्ष 2021 में लगातार दूसरे वर्ष प्रभावित हुई, जबकि शुद्घ लाभ लगातार तीसरे वर्ष दबाव में रहा। दो दशकों में यह पहली बार है जब कंपनी ने लगातार दो साल तक आय में गिरावट दर्ज की है। बिक्री में मौजूदा गिरावट भी काफी ज्यादा है। मारुति सुजूका लाभ-नुकसान खाता वित्त वर्ष 1998-99 से उपलब्ध रहा है और मौजूदा दबाव से पहले कंपनी की शुद्घ बिक्री में सिर्फ दो बार (वित्त वर्ष 2001 और वित्त वर्ष 2012) गिरावट दर्ज की गई थी।
इसके परिणामस्वरूप, वित्त वर्ष 2021 में कंपनी का वित्तीय अनुपात घटकर करीब दो दशक के सबसे निचले स्तर पर रह गया। कंपनी का नियोजित पूंजी पर प्रतिफल (आरओसीई) वित्त वर्ष 2020 के 14.3 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2021 में 10.1 प्रतिशत रह गया और वित्त वर्ष 2017 में यह 29 प्रतिशत था। दूसरी तरफ पूंजी पर प्रतिफल (आरओई) वित्त वर्ष 2020 के 11.8 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2017 के 22.2 प्रतिशत के ऊंचे स्तर से घटकर 8.6 प्रतिशत रह गया।

मारुति सुजूकी ने वित्त वर्ष 2021 में करीब 14.58 लाख वाहन बेचे, जो सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत कम और वित्त वर्ष 2017 के बाद से सबसे कम है। इसमें करीब 30,000 हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) भी शामिल हैं। एलसीवी बाजार में कंपनी ने वित्त वर्ष 2017 में प्रवेश किया था। एलसीवी को छोड़कर, यात्री वाहनों की बिक्री 14.28 लाख वाहन रही जो वित्त वर्ष 2015 से सबसे कम है। वित्त वर्ष 2015 में कंपनी ने 12.92 लाख यात्री वाहन बेचे थे।
हालांकि वाहन उत्पादन में बड़ी कमजोरी दर्ज की गई थी, क्योंकि कंपनी अब अपनी बिक्री का बड़ा हिस्सा गुजरात में अपनी मूल निर्माण इकाई से आउटसोर्स करती है। स्वयं के निर्माण का योगदान वित्त वर्ष 2021 में मारुति सुजूकी की कुल बिक्री में करीब 74 प्रतिशत रहा जो वित्त वर्ष 2020 के 75 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2019 के 84 प्रतिशत से कम है। इस निर्माण में और कमजोरी आने का अनुमान है, क्योंकि सुजूकी मोटर गुजरात ने अब अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 7.5 लाख वाहन की है, जो मारुति सुजूकी की स्वयं की निर्माण क्षमता के करीब आधे के बराबर है।

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First Published - August 9, 2021 | 1:05 AM IST

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