facebookmetapixel
PNB Q3FY26 Results: मुनाफा 11.6% बढ़कर ₹5,189 करोड़ के पार, ब्याज से होने वाली आय भी 3% बढ़ाराहत अब काफी नहीं! एक्सपर्ट की मांग: बजट में प्री-फंडेड क्लाइमेट इंश्योरेंस पॉलिसी पर सोचे सरकार₹3 लाख के पार चांदी, क्या अभी भी कमाई का मौका बचा है, जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्टNFO: Parag Parikh MF ने उतारा नया लॉर्ज कैप फंड, ₹1,000 से निवेश शुरू; क्या है इसमें खास?Trump ने नोबेल पुरस्कार न मिलने का ठीकरा फोड़ा, ग्रीनलैंड को बनाया सुरक्षा मुद्दाSteel Stocks: दुनिया की सुस्ती के बीच भारत का स्टील सेक्टर मजबूत, मोतीलाल ओसवाल ने इन 3 शेयरों में दी BUY की सलाहBudget 2026: सरकार की तिजोरी में पैसा आता है कहां से?FY26 में 7.3% GDP ग्रोथ से बढ़ेगी इनकम, इंश्योरेंस डिमांड को मिलेगा सहारा: मूडीजOffice market: वैश्विक अनिश्चितताओं के बाद भी ऑफिस मार्केट ने बनाया रिकॉर्ड, इस साल जीसीसी हिस्सेदारी 50 फीसदी पार होने की उम्मीद₹931 का HDFC Bank stock… क्या ₹1,200 तक जाएगा? 4 ब्रोकरेज ने दिए बड़े संकेत

लुकास टीवीएस की नजर ईवी चार्जिंग पर

Last Updated- December 12, 2022 | 12:12 AM IST

इलेक्ट्रिक वाहन खंड में अपने कदम में विस्तार करने के प्रयास में टीवीएस ग्रुप की शाखा और वाहनों के पुर्जों की अग्रणी विनिर्माता लुकास टीवीएस जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग स्टेशनों के साथ आने की योजना बना रही है।
लुकास टीवीएस के प्रबंध निदेशक अरविंद बालाजी ने कहा ‘हमारे आफ्टर-मार्केट कारोबार का सेवा तंत्र पूरे भारत में है। उसी के हिस्से के रूप में हम चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के अवसर तलाश रहे हैं।’ इस महीने की शुरुआत में 8.5 अरब डॉलर वाले टीवीएस समूह की प्रमुख कंपनी टीवीएस मोटर कंपनी ने भी देश भर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अवसंरचना (ईवीसीआई) के कार्यान्वयन के लिए टाटा पावर के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी की भी घोषणा की थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब लुकास टीवीएस और अमेरिका स्थित 24 एम टेक्नोलॉजीज सेमीसॉलिड लिथियम-आयन (ली-आयन) बैटरी सेल बनाने के लिए चेन्नई के पास 2,500 करोड़ रुपये की गीगा फैक्टरी की योजना बना रही हैं। कैम्ब्रिज स्थित 24एम अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरी प्रौद्योगिकियों का विकासकर्ता है और चेन्नई वाली नई फैक्टरी में इसकी सेमीसॉलिड प्लेटफॉर्म तकनीक का उपयोग किया जाएगा। लुकास टीवीएस नियंत्रक और सेंसर के अलावा स्टार्टर मोटरों, अल्टरनेटरों, वाहनों की मोटरों और ईवी ट्रैक्शन मोटरों सहित विभिन्न पुर्जों के उत्पादन क्षेत्र में काम करती है। उन्होंने कहा ‘यह फैक्टरी एक नई तकनीक के साथ आएगी, जो विनिर्माण की लागत कम कर देती है और सुरक्षा के लिहाज से इसके फायदे होते हैं। हम परीक्षण के रूप में शुरुआत करेंगे और जब इस खंड में मांग बढ़ेगी, तो इसकी रफ्तार तेज हो जाएगी।’
योजना के अनुसार, चेन्नई की यह इकाई जून 2023 के बाद पटरी पर आने की उम्मीद है और इसमें चरणबद्ध रूप से 10 गीगावॉट तक का विस्तार किया जाएगा।
बालाजी ने कहा ‘परंपरागत रूप से हमारा समूह 100 प्रतिशत आईसी इंजन रहा है। इसलिए यह हमारे लिए एक बड़ी पारी है। हम इलेक्ट्रिक वाहनों को उत्पादों की आपूर्ति करेंगे। हम जितने उत्पाद विकसित कर सकते हैं, उतने विकसित करेंगे। मोटर, नियंत्रक, बैटरी, सेंसर और प्रदर्शक सहित हमारे पास इलेक्ट्रिक वाहनों में अच्छी सामग्री की योजना है।’ कंपनी ट्रैक्टर और एसयूवी के लिए भी उत्पाद लाने की तैयारी में है। खबरों के अनुसार 2,500 करोड़ रुपये की फैक्टरी के अलावा कंपनी की योजना गैर-बैटरी वाले कारोबार में सालाना करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश करने की है।
बालाजी ने कहा कि कंपनी टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में अपने कदम बढ़ाने का प्रयास कर रही है और साथ ही कंपनी ने हाल ही में छत के पंखों की भी शुरुआत की है। कंपनी ने फ्रिज, वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और इसी तरह के सामान बनाने के लिए घरों में काम आने वाले बड़े इलेक्ट्रिक उत्पादों के वास्ते उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना में भी रुचि दिखाई थी।

First Published - October 15, 2021 | 11:44 PM IST

संबंधित पोस्ट