facebookmetapixel
FY26 में 7.3% GDP ग्रोथ से बढ़ेगी इनकम, इंश्योरेंस डिमांड को मिलेगा सहारा: मूडीजOffice market: वैश्विक अनिश्चितताओं के बाद भी ऑफिस मार्केट ने बनाया रिकॉर्ड, इस साल जीसीसी हिस्सेदारी 50 फीसदी पार होने की उम्मीद₹931 का HDFC Bank stock… क्या ₹1,200 तक जाएगा? 4 ब्रोकरेज ने दिए बड़े संकेतRIL: Q3 नतीजों के बाद स्टॉक 3% से ज्यादा टूटा; ब्रोकरेज की सलाह- BUY करें, 3 नए ग्रोथ इंजन देंगे मजबूतीGovt Business Loan Scheme: सिर्फ आधार कार्ड दिखाइए, सरकार देगी 90 हजार तक का लोन; जानें स्कीम के बारे मेंGoogle Gemini ने पेश किया ‘Answer Now’ फीचर, जानें कैसा करना होगा यूज30 साल में पलट गई दुनिया की तस्वीर, गरीब देश बने अमीर, भारत भी रेस में आगेलेबर कोड का सीधा असर, प्राइवेट बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों का खर्च बढ़ाGold silver price today: सोने चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, चांदी 3 लाख रुपये पारचांदी ने बनाया इतिहास: MCX पर पहली बार ₹3 लाख के पार

फोर्ड कर्मियों को रास नहीं आ रहा मुआवजा पैकेज

Last Updated- December 12, 2022 | 1:06 AM IST

अपने संयंत्रों को बंद करने की घोषणा के बाद चेन्नई और साणंद में कर्मचारी यूनियनों के साथ बातचीत को लेकर फोर्ड इंडिया सोमवार को सुर्खियों में रही। दोनों यूनियनों ने ‘सेवरेंस पैकेज’ यानी विशेष मुआवजा पेशकश स्वीकार करने से इनकार कर दिया है और प्रबंधन से रोजगार सुरक्षा की मांग की है। 
तमिलनाडु और गुजरात में दोनों इकाइयों में 4,000 कर्मियों के बीच पैदा हुई चिंता के बीच प्रबंधन ने उन्हें सूचित किया है कि अब तक इसे लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है कि इन संयंत्रों को अन्य कंपनी को सौंपा जाएगा। चेन्नई फोर्ड इम्पलॉयीज यूनियन के अध्यक्ष सुरेश एस ने कहा, ‘हमने किसी पैकेज के बारे में बात करने से भी इनकार कर दिया और हम इसके लिए किसी तरह से तैयार नहीं थे। हमने आज की बैठक में रोजगार सुरक्षा को लेकर बात की थी। हम अपने रोजगार चाहते हैं।’ इसी तरह की स्थिति साणंद में भी देखी गई थी और वहां भी यूनियनों ने रोजगार सुरक्षा को लेकर अपना रुख अडिग बनाए रखा।

साणंद में, यूनियन ने अपनी मांग नहीं रखी है, क्योंकि वह प्रबंधन द्वारा संयंत्र के भविष्य पर स्थिति स्पष्ट किए जाने का इंतजार कर रही है। फोर्ड इंडिया के साणंद संयंत्र में यूनियन नेताओं ने नाम नहीं बताने के अनुरोध के साथ कहा, ‘प्रबंधन के पास संयंत्र के भविष्य को लेकर जवाब नहीं था। श्रमिकों की रोजगार सुरक्षा हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हमें इस संबंध में आश्वासन की जरूरत है। प्रबंधन ने हमें बताया है कि कार उत्पादन दिसंबर 2021 तक पूरी तरह बंद किया जाएगा और सिर्फ पावर-ट्रेन इकाई कामकाज करेगी।’
सिर्फ संयंत्र कर्मी ही नहीं, विभिन्न डीलरों से संबंधित करीब 40,000 कर्मियों का भविष्य भी कंपनी के इस निर्णय से प्रभावित हुआ है। दोनों संयंत्रों पर, प्रबंधन के अधिकारियों ने श्रमिकों को यह आश्वासन दिया है कि वे शीर्ष अधिकारियों से स्थिति स्पष्टï होने के बाद उन्हें वापस ले लेंगे। प्रबंधन प्रतिनिधियों ने संयंत्र को किसी अन्य निर्माता को सौंपे जाने से जुड़ी चर्चाओं के बारे में प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है। 

पिछले सप्ताह तमिलनाडु सरकार ने यह आश्वासन दिया था कि रोजगार प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि कंपनी ने संयंत्र को अन्य निर्माता को सौंपने की योजना बनाई है।

First Published - September 14, 2021 | 12:19 AM IST

संबंधित पोस्ट