facebookmetapixel
जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्कMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंगUS Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने कियाWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे का कहर, IMD ने जारी की चेतावनीUP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?

Wrestler Sexual Harassment Case: WFI के निवर्तमान प्रमुख बृजभूषण सिंह को नियमित जमानत मिली

अदालत ने दिन में, बृजभूषण शरण सिंह और तोमर की जमानत अर्जियों पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

Last Updated- July 20, 2023 | 6:57 PM IST
Women wrestler harassment case: Outgoing WFI chief Brij Bhushan Singh gets regular bail
PTI

दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के निवर्तमान प्रमुख एवं भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Singh) को गुरुवार को नियमित जमानत दे दी। अदालत ने WFI के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर की जमानत अर्जी भी मंजूर कर ली।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल सिंह ने कहा, ‘मैं कुछ शर्तों के साथ 25,000 रुपये के एक मुचलके पर जमानत मंजूर करता हूं।’ अदालत ने आरेापी को अनुमति के बगैर देश से बाहर न जाने और मामले में गवाहों को कोई प्रलोभन न देने का भी निर्देश दिया।

दिल्ली पुलिस ने छह बार के सांसद के खिलाफ 15 जून को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग करना), 354ए(यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक भयादोहन) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने दिन में, सिंह और तोमर की जमानत अर्जियों पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

न्यायाधीश ने आरोपियों के वकीलों, अभियोजन और शिकायतकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व कर रहे सरकारी वकील ने अदालत से कहा कि आरोपियों पर कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाए और राहत दिए जाने पर कुछ शर्तें लगाई जाएं।

Also read: Wrestlers Protest: दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह के उप्र स्थित आवास का किया दौरा; सहयोगियों, कर्मचारियों के बयान किए दर्ज

अदालत ने जब अभियोजक से पूछा कि क्या वह जमानत याचिका का विरोध कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मैं न तो विरोध कर रहा हूं और न ही समर्थन कर रहा हूं।’ उन्होंने अदालत से कहा, ‘अर्जी का निस्तारण कानून और न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुसार किया जाना चाहिए।’

शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी बहुत प्रभावशाली है। उन्होंने अदालत से कहा, ‘जमानत नहीं दी जानी चाहिए। यदि इसकी अनुमति दी जाती है, तो कड़ी शर्तें लगाई जानी चाहिए। समय-समय पर गवाहों से संपर्क किया गया है, हालांकि कोई खतरा नहीं है।’

आरोपी के वकील ने अदालत से कहा कि वह सभी शर्तों का पालन करेंगे। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से कहा, ‘कोई धमकी वगैरह नहीं दी जाएगी। कानून बहुत स्पष्ट है। उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। मैं शर्तों का पालन करने का वचन दे रहा हूं।’

First Published - July 20, 2023 | 6:43 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट