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फेडरल बैंक के श्रीनिवासन बने साल के सर्वश्रेष्ठ बैंकर

Last Updated- December 12, 2022 | 9:31 AM IST

फेडरल बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी श्याम श्रीनिवासन को 2019-20 के लिए बिज़नेस स्टैंडर्ड बैंकर ऑफ द इयर चुना गया है। परिसंपत्ति गुणवत्ता पर दबाव, नुकसान या नियामकीय कार्रवाई जैसे मुश्किल भरे समय में भी बैंक का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहने के कारण श्रीनिवासन को इस सम्मान के लिए चुना गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर एसएस मूंदड़ा की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाले बेहद प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल ने सर्वसम्मति से श्रीनिवासन के नाम पर मुहर लगाई। निर्णायक मंडल के अन्य सदस्यों में एचडीएफसी के वाइस चेयरमैन और मुख्य कार्याधिकारी केकी मिस्त्री, एडलवाइस समूह के चेयरमैन और मुख्य कार्याधिकारी रशेष शाह, भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व चेयरमैन प्रतीप चौधरी और आईकैन इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के चेयरमैन अनिल सिंघवी शामिल थे।
महामारी से जुड़ी बंदिशों की वजह से निर्णायक मंडल ने विजेता का चयन करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। श्रीनिवासन 2010 से ही फेडरल बैंक का नेतृत्व कर रहे हैं और पिछले साल उन्हें एक साल का सेवा विस्तार मिला था। निर्णायक मंडल ने पाया कि श्रीनिवासन ने बेहद सहज रहते हुए शांतिपूर्वक अपने काम को अंजाम दिया है।
निर्णायक मंडल के चेयरमैन मूंदड़ा ने कहा, ‘प्रदर्शन में निरंतरता को देखते हुए निर्णायक मंडल ने फेडरल बैंक के पक्ष में अपना मत दिया। कुछ अन्य दावेदार भी थे, जिनके आंकड़े और प्रदर्शन भी इतने ही बेहतर थे लेकिन निर्णायक मंडल ने इस पर गौर किया कि इनके प्रदर्शन में सुधार अपेक्षाकृत नया है और कम समय में हुआ है। ऐसे में निर्णायक मंडल के लिए लंबे समय तक निरंतर प्रदर्शन देखना और इंतजार करना महत्त्वपूर्ण लगा होगा।’ बैंक के प्रभावशाली और चहुंमुखी प्रदर्शन के कारण श्रीनिवासन निर्णायक मंडल की पसंद बने। बैंक का अनुपात मजबूत है, प्रावधान का स्तर समुचित है और गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) का अनुपात भी कम है। अन्य बैंकों की तुलना में क्षेत्रीय स्तर पर ज्यादा केंद्रित होने के बावजूद श्रीनिवासन ने पिछले कई वर्षों के दौरान बैंक को एक प्रतिष्ठित ब्रांड के तौर पर स्थापित किया है। लेकिन वह आक्रामक तरीके से और संपत्ति की गुणवत्ता या प्रावधान से समझौता करते हुए विकास करना नहीं चाहते हैं।
निर्णायकों ने मार्च 2020 तक 50,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति आकार वाले और पिछले तीन साल में प्रावधान से पहले मुनाफा वृद्घि वाले बैंकों को छांटना था। केवल 11 बैंक इस पैमाने पर खरे उतरे, जिनमें से पांच को छांटा गया। निर्णायकों ने इन पांच बैंकों के वित्तीय पहलुओं पर चर्चा की और गुणवत्ता के आधार पर तीन बैंक छांटे। इसके लिए नेतृत्व, नियामकीय कार्रवाई, नेतृत्व की शैली जैसे मसलों पर चर्चा की गई। निर्णायक मंडल ने फेडरल बैंक के बिना किसी अचंभे के साल-दर-साल समग्र प्रदर्शन की सराहना की। 31 मार्च, 2020 को बैंक का शुद्घ एनसीए 1.31 फीसदी था। फेडरल बैंक उन गिने-चुने बैंकों में है, जिन्होंने पिछले तीन साल के दौरान शुद्घ मुनाफा दर्ज किया है।

First Published - January 20, 2021 | 11:10 PM IST

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