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खादी को विदेश में पहुंचाएगी योगी सरकार

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:42 PM IST

उत्तर प्रदेश में बनी खादी को देश विदेश तक पहुंचाने में अब ऑनलाइन प्लेटफार्म का सहारा लिया जाएगा। नामचीन फैशन डिजायनरों और बड़ी संस्थाओं की मदद से प्रदेश में बनी खादी को नए जमाने के मुताबिक बनाया जाएगा।
प्रदेश में खादी के कपड़े बनाने वाले सरकारी केंद्रों का भी आधुनिकीकरण होगा और वहां परंपरागत की जगह सोलर चरखे लगाए जाएंगे। खादी को निखारने के लिए नामी संस्था नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालाजी (निफ्ट) की मदद ली जाएगी।
योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की कार्ययोजना के मुताबिक इसके कपड़ों को आकर्षक लुक देकर इसे युवाओं और फैसनपरस्तों की पसंद बनाया जाएगा। परंपरागत परिधानों से इतर उत्तर प्रदेश में तैयार होने वाली खादी की रेंज भी बढ़ाई जाएगी। अब खादी सिर्फ कपड़ों तक ही सीमित नहीं रहेगी। खादी के कपड़ों से जूते, बैग, फैंसी पर्स आदि भी तैयार किए जाएंगे।
कार्ययोजना के मुताबिक खादी के सूत की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए खादी उत्पादन केंद्रों की तकनीक को आधुनिक बनाएगी। प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर सोलर चरखों का भी वितरण करेगी। जिन्हें ये चरखे दिए जाएंगे उन्हें इसे चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। अगले पांच साल में विभाग ने 5,000 सोलर चरखों के वितरण का ल्क्ष्य रखा है। इससे धागों की गुणवत्ता तो सुधरेगी ही उत्पादन भी बढ़ जाएगा। कार्ययोजना के मुताबिक  पंडित दीनदयाल खादी विपणन विकास सहायता योजना (एमडीए) के तहत अगले पांच वर्षों में 25 हजार महिला कातिनों एवं बुनकरों को लाभान्वित किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खादी के 14 सरकारी केंद्र हैं। इन केंद्रों के पुराने लूम की जगह नए सोलर लूम लगाए जाऐंगे।

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First Published - April 21, 2022 | 12:24 AM IST

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