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सेवायोजन पोर्टल के जरिये भर्ती करेगी योगी सरकार

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:36 AM IST

उत्तर प्रदेश में अब विभिन्न विभागों व सरकारी संस्थाओं में संविदा या आउटसोर्सिंग पर मनमर्जी भर्ती नहीं की जा सकेगी। प्रदेश सरकार ने इन भर्तियों को सेवायोजना पोर्टल के जरिये करने का फैसला किया है।
योगी सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक प्रदेश में अब आउटसोर्सिंग और संविदा पर सभी भर्तियां सेवायोजन पोर्टल के जरिये होंगी। आउटसोर्सिंग करने वाली जो कंपनियां इस पोर्टल पर नहीं आएंगी, उनका जेम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन रद्द होगा। उत्तर प्रदेश के सभी बेरोजगारों को भी इसी सेवायोजन पोर्टल पर पंजीयन करवाना होगा। साथ ही मु यमंत्री कार्यालय में काम कर रही हेल्पलाइन डेस्क अब पहले से पंजीकृत बेरोजगारों से पूछेगी कि अभी वह कौन-सा काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने सभी सेवा प्रदाता कंपनियों को पहले ही जेम पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है।
सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी की पहल पर यूपी कामगार और श्रमिक सेवायोजन व रोजगार आयोग पारदर्शी तरीके से और सबको समान अवसर के जरिये रोजगार दिलाने की पहल शुरू कर रहा है। हाल ही में आयोग की कार्यकारी परिषद ने कई अहम निर्णय लिए हैं। हर जिले को अपनी जिला स्तरीय रोजगार योजना बनानी होगी। सभी विभागों में काम कर रहे वेंडर के लिए यह जरूरी होगा कि अगर उनके द्वारा श्रमिकों को रोजगार दिलाने का काम सेवायोजन पोर्टल के जरिये नहीं किया जाता है, तो इनका जेम पोर्टल से पंजीकरण समाप्त कर दिया जाएगा।
अब सभी विभागों को अपनी आउटसोर्सिंग एजेंसियों की सूची के साथ-साथ यह बताना होगा कि वह इस साल तक कितने लोगों को रोजगार दे सकते हैं और अब तक कितनों को रोजगार दिया गया है। आटसोर्सिंग के जरिये रोजगार दिलाने वाली कंपनियों के वेतन वितरण से लेकर उनके पीएफ, ईएसआई वगैरा जमा करने के विवरण पर भी नजर रखी जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार में बड़े पैमाने पर चतुर्थ व तृतीय श्रेणी के पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिये भर्ती की जा रही है।

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First Published - March 2, 2021 | 12:06 AM IST

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