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इंटेल-आईआईटी कानपुर साथ

Last Updated- December 10, 2022 | 1:47 AM IST

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटीके) और इंटेल इंडिया मिलकर बेहतर कंप्यूटर तकनीक विकसित करने के लिए तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देंगे।
इसके अलावा इंटेल संस्थान में स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई और शोध करने वाले छात्रों को नौकरी भी मुहैया कराएगी। दोनों ने इस आशय के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। 

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर संजय गोविंद धांडे ने बताया कि इसके पीछे आईटी के क्षेत्र में मौजूद कंपनियों के साथ शोध, तकनीक के स्तर पर अच्छे संबंध बनाना है।
इसके लिए और भी कई कार्यक्रमों पर काम किया जाएगा। शैक्षणिक और उद्योग की जरूरत के  बीच सामंजस्य बिठाने के वास्ते इंटेल संस्थान के छात्रों के  लिए पाठयक्रम निर्धारित कम करने में भी मदद करेगी।
इंटेल इंडिया के मुखिया डॉ. प्रवीण विशाखांतैया ने बताया, ‘पाठयक्रम निर्धारित करने में मदद करने से हमें और छात्रों दोनों को ही फायदा होगा। हम अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अंशकालिक शोध करने के  लिए भी आमंत्रित करेंगे।’
संस्थान में कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर संजीव अग्रवाल ने बताया कि जब कम वेतन पर नौकरियों के ऑफर मिल रहे हों, ऐसे समय में इस तरह के समझौतों से छात्रों को शोध क्षेत्रों में अच्छा वेतन और अच्छी नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है। मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए यह किसी उपलब्धि से कम नहीं है।
अग्रवाल ने बताया, ‘आईआईटी कानपुर को साल 2006 में मल्टीकोर कार्यक्रमों के लिए उत्कृष्टता केंद्र घोषित किया जा चुका है। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों के विकास के लिए प्रायोजित पीएच.डी कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इंटेल स्नातोकत्तर पाठयक्रम के एक छात्र को नौकरी देगी या फिर इंटर्नशिप कराएगी।’
अग्रवाल इंटेल के साथ मिलकर इस मल्टीकोर तकनीक विकसित करने के लिए शोध कराएंगे। उन्होंने बताया, ‘इससे छात्रों को बिना पैसे की चिंता किए शोध क्षेत्र में आने का प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही शोध क्षेत्र में अच्छे छात्र भी बेझिझक आएंगे।’ 

अग्रवाल ने बताया, ‘हमारी इस रणनीतिक साझेदारी से हमें देश में मौजूद अच्छी प्रतिभा को इस क्षेत्र में लाने में आसानी होगी।’
इस परियोजना को इंटेल की शैक्षिक विकास इकाई एशिया शैक्षिक फोरम (एएएफ) की देखरेख में शुरू किया जाएगी। कंपनी दुनिया के 34 देशों के  150 विश्वविद्यालयों में ऐसे कार्यक्रम चला रही है। डॉ. प्रवीण विश्कांतैया ने जानकारी दी कि शोध कार्यों में मदद के लिए भारत में विकसित दुनिया के पहले 6 कोर माइक्रोप्रोसेसर भी संस्थान को मुहैया कराया जाएगा।
इंटेल और आईआईटी कानपुर मिलकर बेहतर तकनीक विकसित करेंगे

इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा

First Published - February 20, 2009 | 10:02 PM IST

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