facebookmetapixel
2026 Money Calendar: टैक्स, निवेश, बजट, ITR फाइलिंग से लेकर बैंकिग तक की पूरी गाइडQ3 में डिफेंस और कैपिटल गुड्स सेक्टर चमकेंगे, मोतीलाल ओसवाल ने BEL को टॉप पिक बनायाSundaram MF ने उतारा इनकम प्लस आर्बिट्रेज एक्टिव FoF, ₹5,000 से निवेश शुरू, जानें रिटर्न स्ट्रैटेजी और रिस्कARPU में उछाल की उम्मीद, इन Telecom Stocks पर ब्रोकरेज ने जारी की BUY कॉल, जान लें टारगेट्सRevised ITR की डेडलाइन निकल गई: AY 2025-26 में अब भी इन तरीकों से मिल सकता है रिफंडएक्सिस सिक्युरिटीज ने चुने 3 टे​क्निकल पिक, 3-4 हफ्ते में दिख सकता है 14% तक अपसाइडNFO Alert: Kotak MF का नया Dividend Yield Fund लॉन्च, ₹100 से निवेश शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?2020 Delhi riots case: उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत से इंकारब्रोकरेज ने इन 2 IT Stocks को किया डाउनग्रेड, कहा – आईटी सेक्टर में पोजिशन घटाने का वक्तBudget 2026: 1 फरवरी या 2 फरवरी? जानें निर्मला सीतारमण किस दिन पेश करेंगी बजट

धारावी के कारोबार का क्या होगा?

Last Updated- December 07, 2022 | 3:45 AM IST

मुंबई के धारावी में गगनचुंबी इमारतें खड़ी करने के सरकारी ख्वाब से यहां लोग बेहद खौफजदा हैं। इसकी वजह भी है क्योंकि धारावी महज झोपडपट्टी बस्ती ही नहीं है बल्कि अपने आप में लघु उद्योग इंडस्ट्री भी है।


यहां मुख्यत: कालीन,जरी, लेदर, पापड़, अचार, और खिलौनों का कारोबार होता है। यहां से लगभग 2000 करोड़ रुपये का कर सरकार को मिलता है। हर झोपडा अपने आप में एक कारखाना है। इन कारोबारियों को डर है कि सरकार जिस तरह की योजना बना रही है उससे उनका कारोबार बंद हो सकता है, क्योंकि सरकार जो फ्लैट उन्हे देने की बात कर रही है उसमें उनका काम नहीं हो पाएगा।

धारावी बचाओ के राजू कोरडे का कहना है कि धारावी के अधिकांश झोपडों में महलों का प्रावधान है,जिसमें धारावी के लोग अपने परिवार के साथ रहते हैं। इस विशेषता को ध्यान में रखते हुए सरकार को 400 वर्ग फुट के फ्लैट देने चाहिए जिसमें तल बनाने की छूट होनी चाहिए। इस बात को सिरे से इनकार करते हुए धारावी के शिल्पकार मुकेश मेहता कहते हैं कि यह मांग निराधार है। कुछ लोग और सामाजिक संस्थाए लोगों को गुमराह कर रही हैं। इस प्रोजेक्ट में सभी के उद्योग धंधो का पूरा ध्यान दिया गया है।

वादों में धारावी

धारावी के विकास के लिए शुरु किये गये इस प्रोजेक्ट में सरकार, राजनेता और छुटभैया नेताओं ने वादों की झड़ी लगा दी है। विरोध में मुख्यत: धारावी बचाओ समिति, स्पार्क और शिवसेना-भाजपा हैं। धारावी बचाओं समिति का कहना की हम विकास का विरोध नहीं कर रहे हैं, हमारा सिर्फ इतना कहना है कि धारावी की जमीन का सिर्फ विकास मत करो,यह रह रहे लोगों का विकास होना चाहिए। इसलिए 400 बर्ग फुट का फ्लैट दिया जाना चाहिए।

समिति लोगों से वादा करती है कि वह उनका हक दिला कर रहेगी। वही धारावी पुनर्विकास प्रकल्प से जुडे अधिकारियों का कहना है  कि हेराफेरी करके कुछ नहीं होगा। हम धारावी के विकास के लिए काम कर रहे  है और सभी का विकास होगा। वादों के बीच में झूलता धारावी का आम इंसान समझ नहीं पा रहा है कि किसकी बात पर विश्वास किया जाए।

First Published - June 5, 2008 | 10:07 PM IST

संबंधित पोस्ट