facebookmetapixel
67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट बाजार पर मंदी का साया

Last Updated- December 05, 2022 | 11:01 PM IST

ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक लोगों के लिए सिर मुंडाते ही ओले पड़ने की कहावत सत्य होती नजर आ रही है।


बढ़ती महंगाई पर लगाम कसने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक द्वारा नकद आरक्षण अनुपात दरों में की गई आधा फीसदी की बढ़ोतरी से, बूम की स्थिति में चल रहे ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट कारोबार में मंदी आने की संभावना है।


ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा कुछ दिनों पहले ही जमीन के दामों में की गई 70 से 80 फीसदी अप्रत्याशित वृद्वि से ग्रेटर नोएडा में प्रापर्टी की खरीद करना वैसे ही आम आदमी के बस की बात नहीं रह गई थी और सीआरआर के बढ़ने से रही-सही कसर भी पूरी हो गई है। खास बात यह है कि सीआरआर के बढ़ने से बैकों द्वारा दिये जाने वाले कर्ज पर ब्याज दरों का बढ़ना तय है।


कर्ज की ब्याज दरों में होने वाली इस बढोतरी से ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट क्षेत्र के  मंदी की चपेट में आने की प्रबल संभावना है। इस प्रबल संभावना के पीछे ब्याज दरों में होने वाली बढोतरी ही एकमात्र कारण नही है। कुछ दिनों पहले ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी तरह की प्रापर्टी की कीमतों में 70 से 80 फीसदी का इजाफा किया है।


इस बढोतरी ने जमीन की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। इसके अलावा इस्पात और सीमेंट के दामों में हुई बढ़ोतरी भी रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए जी का जंजाल बनी हुई है। पिछले 6 महीनों में इस्पात के दामों में लगभग 8 हजार रुपये प्रति टन की और सीमेंट के दामों मे लगभग 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वैसे प्रापर्टी पंडितो की सुने तो एनसीआर में प्रापर्टी में निवेश करने वालों  के लिए ग्रेटर नोएडा पहली रुचि रहता है।


पूरे देश में रियल एस्टेट क्षेत्र में मंदी होने के बावजूद ग्रेटर नोएडा और नोएडा में रियल एस्टेट क्षेत्र में बूम की स्थिति रही। लेकिन पिछले एक महीने से ग्रेटर नोएडा में जमीन के दामों में हुई छप्पर फाड़ बढ़ोतरी और इस्पात व सीमेंट के आसमान छूते दाम ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट क्षेत्र में ग्रहण लगा सकते है।


इस बाबत प्रापर्टी डीलर आर एन अग्रवाल का कहना है कि ग्रेटर नोएडा में प्रापर्टी खरीद में मंदी नहीं आएगी क्योंकि इस क्षेत्र से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। लेकिन अभी प्रापर्टी की खरीद बहुत ज्यादा फायदे का सौदा साबित नहीं होगा। यदुवंशी डेवलपर्स के रितेश शर्मा का कहना है कि प्रापर्टी के दामों में हो रही वृद्वि को आप सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से ले सकते है।


अगर भविष्य में प्रापर्टी के दाम ऐसे ही ऊंचे बने रहेंगे तो अभी इस क्षेत्र में निवेश करना अच्छा रहेगा। वहीं दूसरी ओर प्रापर्टी के दाम भविष्य में अगर सीमेंट,इस्पात और होम लोन की दरों के कम होने से गिरते है तो अभी प्रापर्टी की खरीद बहुत ज्यादा मुनाफा देने वाली नहीं होगी।


रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि एनसीआर में जल्द ही प्रापर्टी की खरीद करने की इच्छा करने वाले लोग ग्रेटर नोएडा की अपेक्षा गुड़गांव और गाजियाबाद का रुख कर सकते है। क्योंकि यहां जमीन की कीमत ग्रेटर नोएडा की अपेक्षा कम है और इन क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को देखते हुए भविष्य में यहां से अच्छा रिटर्न भी प्राप्त किया जा सकता है।

First Published - April 22, 2008 | 10:48 PM IST

संबंधित पोस्ट