facebookmetapixel
Advertisement
AI ट्रेड में पिछड़ा भारत, लेकिन लंबी अवधि में निवेश का अच्छा मौका: रिपोर्टTrent Share Price: शेयर में अभी कमाई का मौका या महंगा वैल्यूएशन बनेगा मुसीबत? जानिए ब्रोकरेज की रायFusion Klassroom IPO Listing: GMP ने नहीं दिया था मुनाफे का संकेत, फिर भी 7% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ शेयरUS Birthright Citizenship: ट्रंप का नया दांव, भारतीयों पर क्या होगा असर? H-1B और Visitor Visa का समझें पूरा ग​णितनए ग्राहक जोड़ने की तैयारी में Swiggy, Toing के जरिए Gen Z पर दांव; शेयर पर 54% तक का टारगेटMDR लागू हुआ तो UPI से लेनदेन होगा महंगा? ग्राहक या दुकानदार किस पर पड़ेगा बोझ, वित्त मंत्री ने क्या कहाLIC के नए कारोबार से मुनाफा 61% उछला, ब्रोकरेज बुलिश; शेयर में 42% तक तेजी की उम्मीदHero MotoCorp Q1: हाई बेस से मुनाफे पर दबाव, 17% की गिरावट; बिक्री में 23% की दमदार बढ़तGold silver price today: ग्लोबल तनाव के बीच भी सोना ₹497 चढ़ा, चांदी ₹2,157 उछलीLIC Agents: डिजिटल दौर में भी LIC के एजेंटों का दबदबा, 93% नया कारोबार इन्हीं के जरिए

तमिलनाडु : बुजुर्गों को बीसीजी का टीका

Advertisement
Last Updated- December 15, 2022 | 4:50 AM IST

तमिलनाडु सरकार बुजुर्ग लोगों को बीसीजी का टीका लगाकर एक प्रायोगिक कार्यक्रम शुरू कर रही है। यह कार्यक्रम बुजुर्गों में कोविड-19 के कारण रुग्णता और मृत्यु दर को कम करने के लिए बेसिल कैलमेट-ग्यूरिन (बीसीजी) टीके की प्रभाव क्षमता का अध्ययन करने के लिए होगा। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार बीसीजी टीके को परीक्षण आधार पर 60 से 95 वर्ष की आयु के बुजुर्गों को दिया जाएगा। इसका उद्देश्य वरिष्ठ लोगों में कोविड के कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना है। तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री सी विजयभास्कर ने कहा कि नैशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्यूबरक्लोसिस (एनआईआरटी) जल्द ही यह परीक्षण कार्यक्रम शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण एनआईआरटी करेगा जिसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। बीसीजी तपेदिक के खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला टीका है जिसे राष्ट्रीय प्रतिरक्षण अनुसूची कार्यक्रम के तहत शिशुओं को दिया जा रहा है।
राज्य सरकार की विज्ञप्ति के अनुसार बीसीजी का टीका जन्मजात प्रतिरक्षा में सुधार करने में मदद करता है और इस बात की संभावना है कि यह टीका बुजुर्गों (60 से 95 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों) में कोविड-19 के कारण होनी वाली रुग्णता और मृत्यु दर में कमी ला सकता है। राज्य सरकार ने इस बात पर विचार करने के बाद कि कोविड-19 के उपचार के लिए कोई उपयुक्त दवा नहीं है, बुजुर्गों में बीसीजी के टीके की प्रभाव क्षमता का अध्ययन करने के लिए आईसीएमआर से अनुमति मांगी थी।

Advertisement
First Published - July 15, 2020 | 11:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement