facebookmetapixel
Advertisement
कॉफी कारोबार में बड़ा दांव! Kaapi Machines ने पहली बार जुटाए ₹50 करोड़, अब विस्तार की तेज तैयारी2030 तक भारत में सेमीकंडक्टर की मांग 150 अरब डॉलर! AI और डेटा सेंटर देंगे सबसे बड़ा बूस्टरामकृष्ण फोर्जिंग्स को विदेशों से बड़ा भरोसा! FY27 में निर्यात 35% तक पहुंचाने का लक्ष्य, यूरोप-अमेरिका से बढ़े ऑर्डर2 नई SUV बदलेंगी Hyundai की किस्मत? कंपनी ने FY27 के लिए बनाया बड़ा प्लानअब AI तय करेगा क्या बिकेगा और कितना बिकेगा! Target ने बदली रिटेल की पूरी रणनीतिट्रंप के यू-टर्न से टूटा कच्चे तेल का बाजार, ब्रेंट 4% से ज्यादा और WTI 5% से ज्यादा लुढ़काStock Market Today: GIFT Nifty में 100 से ज्यादा अंकों की तेजी के संकेत, एशियाई बाजारों में गिरावट; कच्चा तेल करीब 5% फिसलामहिंद्रा की इलेक्ट्रिक SUV ने पलटी बाजी! घाटे से निकलकर पहली तिमाही में ₹288 करोड़ के मुनाफे से किया बड़ा धमाकाStocks To Watch Today: SEBI की बड़ी कार्रवाई, USFDA से मंजूरी और करोड़ों के ऑर्डर… आज इन शेयरों पर रहेगी बाजार की नजरकेसरिया जर्सी पर विवाद, भारतीय हॉकी की नीली पहचान पर बहस

उत्तराखंड में सूखे का साया

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 12:27 AM IST

उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से कम वर्षा होने के कारण सूखे जैसी स्थिति पैदा होने लगी है। इसका सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ेगा जो मुख्य रूप से वर्षा पर ही आश्रित रहते हैं। राज्य में 1 जनवरी के बाद से ही केवल 5 मिलीमीटर बारिश हुई है।
यह औसत से 90 फीसदी कम है और इस वजह से राज्य में सूखे के आसार बनने लगे हैं। कृषि मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस स्थिति पर चिंता जाहिर की है। मौसम विभाग का कहना है कि इस पहाड़ी राज्य में आमतौर पर अच्छी खासी वर्षा होती है।
अगर पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश से तुलना करें तो इस राज्य में बारिश अपेक्षाकृत बेहतर ही होती है। ऐसे में पिछले काफी समय से वर्षा कम होना चिंता का विषय है। 

राज्य के मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी केंद्र से एक सर्वेक्षण टीम भेजने का आग्रह करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि कम वर्षा से राज्य को कितना नुकसान पहुंचा है।
खंडूड़ी इस बाबत केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार से भी मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री के प्रधान  कम वर्षा होने के कारण उत्तराखंड में गेहूं और दूसरी फसलों को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का पता लगाने के लिए राज्य सरकार ने सभी 13 जिलों से रिपोर्ट मंगाई है।
सूखे जैसे हालात देख राज्य सरकार किसानों को अंतरिम राहत दिलाने के लिए एक आपातकालीन योजना तैयार करने पर विचार कर रही है।

Advertisement
First Published - February 9, 2009 | 8:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement