facebookmetapixel
Advertisement
US में पढ़ाई के बाद नौकरी करना होगा महंगा? ट्रंप प्रशासन ₹95 लाख की नई फीस पर कर रहा विचारStock Market Today: GIFT Nifty से मजबूत शुरुआत के संकेत, AI रैली से Kospi में 15% की छलांग; आज ITC, Maruti, Bajaj Finserv समेत कई दिग्गजों के नतीजों पर नजरZepto ने अचानक टाला IPO! अब 1,000 करोड़ जुटाने की तैयारी, लेकिन वैल्यूएशन 7 अरब डॉलर से 4.5 अरब डॉलर क्यों हुआ?AI का सबसे बड़ा डर खत्म? अब TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro के लिए क्या बदलने वाला है?Stocks To Watch Today: HAL से मेगा ऑर्डर, Zepto की ₹1,000 करोड़ फंडिंग, RailTel के नतीजे… आज इन शेयरों में दिख सकती है तेजीअमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, सख्त रुख से बाजार की चिंता बढ़ीविदेशी निवेशकों की खरीदारी से लगातार दूसरे दिन चढ़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स 274 अंक मजबूतबजाज फाइनैंस का पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन, प्रॉफिट 29% बढ़ा, एसेट क्वालिटी में सुधारAI पर बड़ा दांव, बजाज फाइनैंस ने 10 साल में ₹40 लाख करोड़ AUM का रखा लक्ष्यRBI की मौद्रिक नीति से पहले जियो क्रेडिट, हीरो फिनकॉर्प समेत कंपनियों ने बॉन्ड से ₹2,520 करोड़ जुटाए

पीपीपी मॉडल से आएगी शिक्षा में मजबूती

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 1:02 AM IST

उत्तर प्रदेश की शिक्षा प्रणाली के उत्थान में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अहम भूमिका निभा रहा है।


यह मॉडल राज्य में प्राथमिक और उच्च शिक्षा सहित तकनीकी शिक्षा के लिए रास्ता आसान कर रहा है। सूबे की कई कंपनियां अपनी कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए शिक्षा का रास्ता अख्तियार कर रही हैं।

निजी क्षेत्रों में इस तरह की पहल को देखते हुए राज्य सरकार भी यहां शिक्षा में सुधार लाने के उद्देश्य से निजी भागीदारों के साथ गठजोड़ करने की योजना बना रही है। राज्य के पिछड़े इलाकों में पीपीपी मॉडल के तहत करीब 400 स्कूलों की स्थापना करने पर विचार किया जा रहा है।

राज्य में कम महिला साक्षरता और जहां लैंगिक अंतर सबसे अधिक है, वहां पीपीपी मॉडल को प्रभावी बनाने में खास तौर पर जोर दिया जाएगा। इस बाबत छह सदस्यों की एक समिति का माध्यमिक शिक्षा (उत्तर प्रदेश) के मुख्य सचिव ए के मिश्रा के संरक्षण में गठन किया जा चुका है।

इस मॉडल के तहत राज्य सरकार निजी भागीदार को पर्याप्त धन उपलब्ध कराएगी और विद्यालय की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण में भी सहायता करेगी। निजी भागीदार स्कूल को चलाने, शिक्षकों की नियुक्ति और बुनियादी सुविधाओं सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जिम्मेदार होगी।

निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘यह योजना अभी शुरुआती दौर में है। आगे की कार्रवाई परामर्शदाताओं की नियुक्ति के बाद ही शुरू हो पाएगी। इस योजना के तहत 400 स्कूलों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।’

एक अनुमान के मुताबिक राज्य सरकार प्रत्येक स्कूलों के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये सहायता राशि मुहैया कराएगी। अधिकारी ने बताया, ‘स्कूलों के निर्माण पर खर्च होने वाली राशि अलग-अलग स्कूलों के आधार पर होंगी लेकिन औसतन एक स्कूल पर 2 करोड़ रुपये के आसपास खर्च आएगा।’

इसके अलावा, राज्य सरकार निजी क्षेत्रों के साथ मिलकर राज्य के 25 आईटीआई को उत्कृष्ट केंद्र के रूप में भी विकसित करेगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार और पीपीपी मॉडल का खासा जोर मौजूदा बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, उद्योग की मांग के अनुसार शहरी क्षेत्रों सहित युवाओं को प्रशिक्षण देने हेतु उच्च शिक्षण संस्थानों को सुनिश्चित करने और इस प्रकार उनके रोजगार को ज्यादा से ज्यादा उचित बनाए जाने पर दिया जा रहा है।

पीपीपी मॉडल के तहत राज्य में आजमगढ़, गोंडा, एटा, सहारनपुर, फैजाबाद, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, वाराणसी, मऊ, प्रतापगढ़ आदि के लिए चयनित आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा।

Advertisement
First Published - October 22, 2008 | 9:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement