मध्य प्रदेश की पहली ‘बनाओ, चलाओ और सौंपो (बीओटी)’ पर आधारित औद्योगिक जल आपूर्ति परियोजना अपना काम करना शुरू कर चुकी है। हालांकि इसके तहत जो क्षमता विकसित की गई है, उससे कुल मांग की आधी आपूर्ति ही संभव हो पाएगी और वह भी महंगी दरों पर उपलब्ध होगी। यह परियोजना वडोदरा की कंपनी एमएसके […]
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मंदी के इस आलम में जहां अधिकांश कार्पोरेट घराने लोगों की छंटनी करने में लगे हुए हैं वहीं डोल डैनॉटिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपने कर्मीदल में नए लोगों को शामिल करने का फैसला किया है। डोल डैनॉटिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड दुनियाभर के उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार के वाहिकाओं उदाहरणस्वरूप कंटेनर्स, थोक वाहक, तेल टैंकरों, […]
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देश और विदेश में फैली मंदी की आंच अब उत्तर प्रदेश में ट्रैवल एजेंटों तक पहुंच चुकी है। कार्पोरेट खर्च में कटौती की कवायद के तहत जब तक बहुत जरूरी नहीं हो, हवाई यात्राओं से परहेज कर रहे हैं। इस कारण औसत बुकिंग में तेजी से गिरावट आई है। कई कंपनियों ने तो दिल्ली से […]
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देश का सबसे विकसित राज्य पंजाब भी बिजली की किल्लत से परेशान है। इसका सीधा कारण राज्य में बिजली की खपत का राष्ट्रीय औसत से ज्यादा होना है। पंजाब में बिजली की औसत खपत 972 यूनिट है जबकि राष्ट्रीय औसत 700 यूनिट है। साफ शब्दों में कहें कि राज्य में बिजली की उत्पादन क्षमता 6200 […]
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हरियाणा ने भले ही निवेश के लिए औद्योगिक समूहों को अपनी तरफ आकर्षित कर लिया हो लेकिन यह राज्य अभी भी बिजली की किल्लत से निजात पाने में सक्षम नहीं हो पाया है। अब राज्य सरकार को लगने लगा है कि बिजली की कमी से राज्य औद्योगिक विकास की दौड़ में पीछे रह सकता है। […]
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उत्तराखंड में 2 प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं का निर्माण कार्य रोकने के बावजूद राज्य सरकार को भरोसा है कि आने वाले समय में बिजली उत्पादन बढ़ेगा। सरकार ने जून में भागीरथी नदी पर बन रही 480 मेगावाट की मनेरी और 381 मेगावाट की भैरोंघाटी जलविद्युत परियोजनाओं का निर्माण रोक दिया था। इस कदम से राज्य में […]
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मध्य प्रदेश के बंटवारे के पहले की स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो दिसंबर 1993 तक राज्य में कुल स्थापित ताप और जलविद्युत क्षमता 3,284 मेगावाट थी। राज्य सरकार ने 1998 तक इसमें 532 मेगावाट और जनवरी 1999 से 2003 के बीच 535 मेगावाट जोड़ी। इस तरह बंटवारे के बाद 2003 में मध्य प्रदेश के पास […]
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ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में करीब 79 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। यानी 2012 तक भारत में 1,57,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगेगा। तब मांग भी लगभग इतनी ही होगी। कह सकते हैं कि सबको रोशनी के लिए अभी चार साल और इंतजार करना होगा। पर यह अकेले सरकार के बूते की बात […]
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उत्तराखंड में 6000 मेगावाट की क्षमता वाली पंचेश्वर बहुद्देशीय पनबिजली परियोजना को लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ काफी गंभीर हैं। नई दिल्ली प्रवास के बाद अब प्रचंड एक दिन के लिए उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे हैं। वह यहां 2400 मेगावाट क्षमता वाली देश की सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना टिहरी बांध […]
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चीनी उद्योग की मिठास में तेजी की संभावना ने बिहार में निवेश की चासनी लपटने का काम किया है। पिछले दो महीनों से निवेश की इच्छुक चीनी मिल जल्द ही बिहार में अपना काम शुरू करने जा रही हैं। इनमें एक दो नहीं बल्कि 20 से अधिक चीनी मिलों का प्रस्ताव शामिल हैं। इन मिलों […]
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