facebookmetapixel
Gold-Silver Price: 2026 में सोने की मजबूत शुरुआत, रिकॉर्ड तेजी के बाद चांदी फिसलीतंबाकू कंपनियों पर नए टैक्स की चोट, आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में भारी गिरावटम्युचुअल फंड AUM ग्रोथ लगातार तीसरे साल भी 20% से ऊपर रहने की संभावना2025 में भारती ग्रुप का MCap सबसे ज्यादा बढ़ा, परिवार की अगुआई वाला देश का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी घराना बनावित्त मंत्रालय का बड़ा कदम: तंबाकू-सिगरेट पर 1 फरवरी से बढ़ेगा शुल्कAuto Sales December: कारों की बिक्री ने भरा फर्राटा, ऑटो कंपनियों ने बेच डालें 4 लाख से ज्यादा वाहनकंपस इंडिया अब ट्रैवल रिटेल में तलाश रही मौके, GCC पर बरकरार रहेगा फोकसलैब में तैयार हीरे की बढ़ रही चमक, टाइटन की एंट्री और बढ़ती फंडिंग से सेक्टर को मिला बड़ा बूस्टMCA ने कंपनी निदेशकों के KYC नियमों में दी बड़ी राहत, अब हर साल नहीं बल्कि 3 साल में एक बार करना होगा अपडेटहाइपरसर्विस के असर से ओला इलेक्ट्रिक की मांग और बाजार हिस्सेदारी में तेजी, दिसंबर में 9,020 स्कूटरों का हुआ रजिस्ट्रेशन

मध्य प्रदेश में पहली निजी जल आपूर्ति योजना शुरू

Last Updated- December 08, 2022 | 3:08 AM IST

मध्य प्रदेश की पहली ‘बनाओ, चलाओ और सौंपो (बीओटी)’ पर आधारित औद्योगिक जल आपूर्ति परियोजना अपना काम करना शुरू कर चुकी है।


हालांकि इसके तहत जो क्षमता विकसित की गई है, उससे कुल मांग की आधी आपूर्ति ही संभव हो पाएगी और वह भी महंगी दरों पर उपलब्ध होगी। यह परियोजना वडोदरा की कंपनी एमएसके प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड ने भोपाल से 150 किलोमीटर दूर देवास औद्योगिक शहर में 80 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की है।

वैसे मध्य प्रदेश में पानी महंगा है और यह 26.50 रुपये प्रति किलोलीटर मिलता है। मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास कॉरपोरेशन के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘अभी 80 औद्योगिक इकाइयों में एमएसके इंडिया लिमिटेड 1 करोड़ 20 लाख लीटर पानी प्रतिदिन की आपूर्ति करती है। मांग को पूरा करने के लिए एक और जलाशय स्थापित किया जाएगा। शहर की अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी पानी की मांग बढ सकती है।’

यह परियोजना मध्य प्रदेश की पहली परियोजना है, जिसमें किसी प्रकार की वित्तीय प्रतिबद्धता की बात कंपनी से नहीं की गई है। इस परियोजना के तहत देवास (नेमावर गांव) से 128 किलोमीटर दूर नर्मदा से पानी लिया जाएगा और फिर उस पानी को 600 मिमी पाइपलाइन के जरिये नागड़ा हिल होते हुए औद्योगिक क्षेत्र में आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।

First Published - November 14, 2008 | 9:02 PM IST

संबंधित पोस्ट