facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

राजनीतिक फायदे के लिए आतंकवाद का सहारा लेने वाले देशों की जवाबदेही तय हो- भारत

Last Updated- January 13, 2023 | 12:23 PM IST
Naxa

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान का परोक्ष संदर्भ देते हुए कहा कि जो देश संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों के लिए सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। साथ ही उसने आतंकवाद के साझा खतरे के खिलाफ एकजुट होने तथा राजनीतिक लाभ के लिए दोहरे मानदंड न अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने गुरुवार को कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून के शासन को लागू करने से आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद समेत आक्रामकता से देशों की संप्रभुत्ता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की जानी चाहिए।’’

परिषद की जापान की अध्यक्षता के तहत ‘कानून के शासन’ पर सुरक्षा परिषद की खुली बहस में कंबोज ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान का संदर्भ देते हुए कहा कि जो देश संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों के लिए सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल करते हैं उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यह तभी संभव है जब सभी देश आतंकवाद जैसे साझा खतरों के खिलाफ एकजुट हो जाए और राजनीतिक लाभ के लिए दोहरे मानदंड न अपनाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी राय में नियमों आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बल से मुक्त होती है और संप्रभुत्ता और क्षेत्रीय अखंडता, पारदर्शिता तथा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सम्मान पर आधारित है।

कंबोज ने इस बात पर जोर दिया कि विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कानून के राज को मजबूत करने के लिए अहम है। उन्होंने कहा, ‘‘कानून का राज इस बात पर जोर देता है कि देश एक-दूसरे की संप्रभुत्ता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें जैसा कि वह अपनी संप्रभुत्ता का सम्मान किए जाने की उम्मीद करते हैं।’’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा, ‘‘दुनिया के प्रत्येक क्षेत्र में नागरिक विनाशकारी संघर्षों, मानव जीवन की क्षति, बढ़ती गरीबी और भुखमरी के असर का सामना करते हैं। परमाणु हथियारों के गैरकानूनी विकास से लेकर गैरकानूनी बल प्रयोग तक देश दंड मुक्ति के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने मानवीय और मानवाधिकार विनाश को जन्म दिया, बच्चों की एक पीढ़ी को आघात पहुंचाया तथा वैश्विक खाद्य एवं ऊर्जा संकट को और गहरा कर दिया।

First Published - January 13, 2023 | 12:23 PM IST

संबंधित पोस्ट