facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

मकानों के किराये से रोई दिल्ली

Last Updated- December 09, 2022 | 10:32 PM IST

भले ही रियल एस्टेट में चल रही मंदी ने मकानों की कीमतों को अर्श से फर्श पर ला दिया हो लेकिन पिछले एक साल के दौरान रिहायशी किराये का ग्राफ लगतार ऊपर चढ़ता जा रहा है।


ऐसे में उन लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं जिनका खुद का आशियाना नहीं है और जो किराए के मकानों में डेरा जमाए हुए हैं।

पिछले एक साल में ही दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रिहायशी मकानों के किराये में 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

दिलचस्प रूप से उन इलाकों में किराए सबसे अधिक बढ़े हैं जहां दूर दराज से आए छात्र रहना पसंद करते हैं। उदाहरण के लिए मुनिरका, मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर, आरके पुरम, सरोजनी नगर, मालवीय नगर और लाजपत नगर जैसे इलाकों में यह बढ़ोतरी 20 से 25 फीसदी रही है।

शहर के मध्यम वर्गीय परिवारों के पंसदीदा इलाकों को देखे तो सुभाष नगर, मालवीय नगर, मोहम्मदपुर, वजीराबाद, नारायणा, जनकपुरी, शालीमार बाग और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में यह बढ़ोतरी 15 से 20 फीसदी की रही है। जबकि शहर के पॉश इलाकों का हाल काफी विपरित रहा है।

पिछले एक साल में सिविल लांइस, ग्रेटर कैलाश, डिफेंस कालोनी और वसंतकुंज जैसे पॉश इलाकों में किराये की बढ़ोतरी की दर 5 फीसदी भी बमुश्किल ही रही है। साल के अंतिम महीनों में तो इन इलाकों में किराये में 2 से 3 हजार रुपये की कमी आई है।

छात्रों के पंसदीदा इलाकों के प्रॉपर्टी डीलरों के अनुसार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए व नौकरी की तलाश में आए छात्रों की प्राथमिकता इन इलाकों में कमरा लेने की होती है।

डीलक्स प्रॉपटी डीलिंग के आर एस सहगल बताते है कि ‘कमरों की तलाश यहां प्रतिस्पर्धा में बदल जाती है। ऐसे में अच्छी लोकेशन होने पर छात्र किसी भी कीमत पर मकान लेना चाहते है।

यही कारण है कि एक साल पहले जिस कमरे का किराया 2,500 रुपये हुआ करता था आज उसका किराया 3,000-3,500 रुपये के बीच है।’

कुछ प्रमुख इलाकों में  (रु. हजार में )


                                                 2007                         2009 जनवरी

ग्रेटर कैलाश                          9 से 11                            10 से 12     
सफदरजंग एनक्लेव             13 से 14                          15 से 16   
साकेत                                    10 से 11                          12 से 14  
मुनिरका                                 5 से 6                               7 से 8
रमेश नगर                            7 से 9                              10 से 11  
टैगौर गार्डन                           6 से 8                               8 से 9
पीतमपुरा                              10 से 12                          10 से 15
लाजपत नगर                        7 से 8                              9 से 10
द्वारका                                    10 से 12                         12 से 15
मयूर विहार                            4 से 5                              5 से 6

First Published - January 20, 2009 | 8:49 PM IST

संबंधित पोस्ट