facebookmetapixel
सोने-चांदी में निवेश का सुनहरा मौका, Bandhan MF ने उतारे गोल्ड और सिल्वर ETF FoF; ₹100 से SIP शुरू5700% का तगड़ा डिविडेंड! TATA Group की कंपनी का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेदिसंबर 2025 में भारत की खुदरा महंगाई 1.66% पर पहुंची, सब्जियां, दालें व मसालों की बढ़ी कीमतें बनी वजहक्या आपके क्रेडिट रिपोर्ट में ‘SMA’ दिख रहा है? समझें ये चेतावनी क्या है और स्कोर कितना गिर सकता हैShriram AMC ने लॉन्च किया नया मनी मार्केट फंड, ₹1,000 से निवेश शुरू; जानें क्या है इस फंड की खासियतTCS Q3FY26 Results: Q3 में मुनाफा 14% गिरकर ₹10,657 करोड़ पर पहुंचा, पर आमदनी में 5% की बढ़ोतरीBudget 2026: रेल इंफ्रा, EPC कंपनियों को मिल सकती है सौगात; RVNL, IRFC, RITES, IRCON जैसे चुनिंदा स्टॉक्स पर रखें नजरडोमिनोज से लेकर टाइटन तक: सुस्ती के दौर में भी ये 6 शेयर बने ब्रोकरेज की पहली पसंदBudget 2026: सुपर-रिच पर टैक्स बढ़ाना हो सकता है उल्टा, विशेषज्ञों की चेतावनीभारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अगली बातचीत 13 जनवरी को, लगातार संपर्क में दोनों देश: अमेरिकी राजदूत

चक्रवात यास बढ़ा झारखंड की तरफ

Last Updated- December 12, 2022 | 4:21 AM IST

चक्रवात यास कमजोर होकर अब झारखंड की तरफ बढ़ रहा है और यहां अलग-अलग आश्रय स्थलों में शरण लिए लोग अपने घरों की तरफ लौटने लगे हैं। हालांकि कोविड-19 के खतरे के बीच इस तूफान की वजह से अपने घरों से बाहर निकलने को विवश लोगों के संक्रमित होने का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और जाजपुर जिलों में बड़ी संख्या में लोग बुधवार को ही अपने घरों की तरफ लौटने लगे थे, वहीं कुछ लोग गुरुवार सुबह में लौटे हैं। हालांकि चक्रवात यास ने विध्वंसक रूप नहीं अपनाया था और इसने तटीय और उत्तरी ओडिशा के बड़े इलाकों को व्यापक नुकसान नहीं पहुंचाया। इस तूफान को लेकर जो डर था कि इससे बड़े पैमाने पर क्षति होगी या लोग हताहत हो सकते हैं, वह आशंका सही साबित नहीं हुई और इस तूफान के यहां से गुजरने के बाद लोग आश्रय स्थलों से अपने घरों की तरफ लौटने लगे।
कोविड-19 महामारी को लेकर लागू दिशानिर्देशों को सुनिश्चित करते हुए अधिकारी केंद्रपाड़ा के करीब एक लाख लोगों समेत 6.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बने आश्रय स्थलों पर पहुंचाने में सफल रहे थे। हालांकि लोगों के मन में अपना घर छोड़कर महामारी के बीच कहीं और जाने को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं लेकिन अधिकारी उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने में सफल रहे। केंद्रपाड़ा जिले के तालचुआ के रहने वाले समरेंद्र राउत ने कहा, ‘हम जल्दबाजी में नहीं थे। हम मौसम के बिल्कुल सामान्य होने के बाद आज सुबह लौट आए। चक्रवात आश्रय स्थल में रात व्यतीत करना ज्यदा सुरक्षित था।’

केंद्रपाड़ा जिले में तटीय कंसारा बडाडांडुआ गांव के रहने वाले प्रद्युत गिरि ने कहा कि चक्रवात का अनुभव भले ही हुआ हो लेकिन यह भयानक नहीं था। प्रकृति ने अपना कहर नहीं बरपाया लेकिन फिर भी कल दोपहर में उन्होंने आश्रय स्थल की शरण लेना ही सही समझा था और अब जब तूफान का खतरा नहीं है तो वे घर जाने की योजना बना रहे हैं।    

उत्तरी ओडिशा में भारी बारिश
चक्रवात ‘यास’ के प्रभाव की वजह से उत्तरी ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को यह जानकारी दी। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि क्योंझर के जोड़ा में पिछले 24 घंटे में 268.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मयूरभंज जिले के जशीपुर इलाके में 254.8 मिमी बारिश हुई। केंद्र ने बताया सुंदरगढ़ के लाठीकाटा में 213 मिमी, भद्रक के वासुदेवपुर में 195, जाजपुर के चंडीखोल में 177 मिमी और देवगढ़ में 131 मिमी बारिश हुई। मौसम कार्यालय ने बताया कि अंगुल के पाललहड़ा में 112 मिमी, बालासोर के सोरो में 99 मिमी, संबलपुर के बामरा में 98.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।     भाषा

First Published - May 27, 2021 | 11:31 PM IST

संबंधित पोस्ट