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यूपी में पेयजल के लिए केंद्र ने खोला खजाना

Last Updated- December 12, 2022 | 3:37 AM IST

केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए जल जीवन योजना के तहत आवंटन करीब 4 गुना बढ़ाकर 10,870 करोड़ रुपये कर दिया है। यह केंद्र सरकार द्वारा किसी भी योजना के तहत इस वित्त वर्ष में किसी राज्य को की गई सबसे बड़ी आवंटित राशि है।
इस मद में 2020-21 में 3,340 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे, जिसमें से उत्तर प्रदेश सरकार 40 प्रतिशत राशि खर्च नहीं कर वाई। यही हाल 2019-20 के आवंटन का रहा है। उसके बावजूद आवंटन में भारी बढ़ोतरी की गई है। 2022 की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। सामान्यतया अगर कोई राज्य या केंद्र सरकार का कोई विभाग किसी मद में आवंटित राशि खर्च करने में सफल नहीं होता है तो अगले साल आवंटी द्वारा वित्त मंत्रालय उतनी राशि लौटा दी जाती है। उदाहरण के लिए वित्त वर्ष 21 में राज्य ने जल जीवन मिशन की करीब 30 प्रतिशत राशि केंद्र को लौटा दी थी। जल जीवन मिशन का मकसद भारत के सभी ग्रामीण मकानों में टोंटी का पानी पहुंचाना है। सभी राज्यों के लिए आवंटन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का यह भी मतलब हो सकता है कि केंद्र सरकार संभवत: इस साल जल शक्ति मिशन का आवंटन बढ़ा सकती है।
मंत्रालय को 2021-22 के बजट में पहले ही 50,011 करोड़ रुपये मिल चुके हैं, जो पहले के आवंटन से तीन गुना ज्यादा है। इससे जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि हर राज्य को चार गुना बढ़ोतरी का आश्वासन दिया गया है। सभी राज्यों को कार्ययोजना पेश करने को कहा गया है, यूपी को यह करना बाकी है।
अगर यह योजना लागू होती है तो बुनियादी ढांचा तैयार करने में इसका व्यापक असर होगा। वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘जल जीवन मिशन का स्थानीय अर्थव्यवस्था पर मजबूत सकारात्मक असर है, जिससे अतिरिक्त रोजगार का सृजन, निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति हो रही है और जन स्वास्थ्य को इससे लाभ पहुंच रहा है।’
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 2.63 करोड़ परिवार 97,455 गांवों में रहते हैं। इनमें से सिर्फ 11.3 प्रतिशत मकानों में टोंटी के पानी की आपूर्ति होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि उनकी सरकार 2024 तक हर ग्रामीण घर में टोंटी का पानी मुहैया कराएगी।
वित्त वर्ष 22 में शेष बचे 78 लाख मकानों में एक तिहाई में टोंटी का पानी मुहैया कराने का लक्ष्य है। इसके लिए जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यों को सलाह दी है कि वह 60,000 से ज्यादा गांवों में जमीनी स्तर पर जलापूर्ति परियोजना पर काम शुरू करें।

First Published - June 15, 2021 | 11:46 PM IST

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