facebookmetapixel
Union Budget 2026 1 फरवरी, रविवार को ही होगा पेश, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने किया कंफर्मHCLTech Q3FY26 Results: मुनाफा 11.2% बढ़कर ₹4,076 करोड़, रेवेन्यू भी बढ़ा, ₹12 के डिविडेंड का ऐलानमहाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के चलते BSE और NSE 15 जनवरी को पूरी तरह बंद रहेंगेसोने-चांदी में निवेश का सुनहरा मौका, Bandhan MF ने उतारे गोल्ड और सिल्वर ETF FoF; ₹100 से SIP शुरू5700% का तगड़ा डिविडेंड! TATA Group की कंपनी का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेदिसंबर 2025 में भारत की खुदरा महंगाई 1.66% पर पहुंची, सब्जियां, दालें व मसालों की बढ़ी कीमतें बनी वजहक्या आपके क्रेडिट रिपोर्ट में ‘SMA’ दिख रहा है? समझें ये चेतावनी क्या है और स्कोर कितना गिर सकता हैShriram AMC ने लॉन्च किया नया मनी मार्केट फंड, ₹1,000 से निवेश शुरू; जानें क्या है इस फंड की खासियतTCS Q3FY26 Results: Q3 में मुनाफा 14% गिरकर ₹10,657 करोड़ पर पहुंचा, पर आमदनी में 5% की बढ़ोतरीBudget 2026: रेल इंफ्रा, EPC कंपनियों को मिल सकती है सौगात; RVNL, IRFC, RITES, IRCON जैसे चुनिंदा स्टॉक्स पर रखें नजर

निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटी

Last Updated- December 11, 2022 | 10:43 PM IST

दिल्ली की हवा में सुधार होते ही निर्माण व तोडफ़ोड़ कार्यों पर लगी रोक अब हटा दी गई है। प्रदूषण स्तर गिरने से गैर जरूरी सामान वाले डीजल ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध भी हटा दिया गया है। प्रदूषण को रोकने के लिए लगाई गई ज्यादातर पाबंदियों में ढील दे दी गई हैं।
दिल्ली में अब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)  300 से नीचे यानी खराब श्रेणी में चला गया है। पहले यह बहुत खराब और गंभीर श्रेणी में था।
राज्य के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली के अंदर दीवाली के बाद प्रदूषण स्तर लगातार बढ़कर 500 तक यानी गंभीर व खतरनाक श्रेणी में चला गया था। इसे देखते हुए निर्माण व तोडफ़ोड़ कार्यों और गैर जरूरी सामान वाले डीजल ट्रकों के प्रवेश समेत अन्य प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी। अब दिल्ली में प्रदूषण स्तर में सुधार दिख रहा है।
बीते 10 दिनों में किसी भी दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक  गंभीर श्रेणी में नहीं रहा। इसे देखते हुए अदालत द्वारा प्रदूषण रोकने के लिए और कड़े कदम उठाने के लिए अधिकृत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कड़े कदमों में ढील देना शुरू कर दिया।

मुंबई में मकानों का पंजीकरण घटा
मुंबई में नवंबर के दौरान मकानों का पंजीकरण 18 प्रतिशत घटकर 7,582 इकाई रहा। वही जनवरी-नवंबर के दौरान यह संख्या दोगुना बढ़कर 102,232 इकाई पर पहुंच गई, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक है।  नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2020 में आवासीय पंजीकरण 7,582 इकाई रहा। जनवरी-नवंबर 2020 के दौरान 46,052 घरों का पंजीकरण किया गया। रिपोर्ट में पंजीकरण का यह आंकड़ा प्राथमिक और द्वितीयक आवासीय बाजारों दोनों में किए गए लेनदेन का है। मुंबई शहर में पंजीकरण पहली बार 100,000 के पार पहुंचा है। भाषा

 

First Published - December 20, 2021 | 11:46 PM IST

संबंधित पोस्ट