facebookmetapixel
Advertisement
कार लोन दरें 7.35% से शुरू: भारत के टॉप बैंकों में EMI की तुलनाDr Reddy’s Share Price: Q1 नतीजों के बाद 9% टूटा शेयर, 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा; ब्रोकरेज की क्या है राय?IndusInd Bank पर बढ़ा ब्रोकरेज का भरोसा? Q1 के बाद स्टॉक पर क्या हो निवेश की स्ट्रैटेजीNCDEX के जरिए म्युचुअल फंड में हो सकेगा ट्रांजैक्शन, 29 जुलाई को शुरू होगा प्लेटफॉर्मबाजार में गिरावट के बीच एक्सपर्ट की पसंद बने ये 3 शेयर, जानें टारगेट और स्टॉप लॉसEternal Share Price: तिमाही नतीजों के बाद चमका Eternal का शेयर! ब्रोकरेज भी बुलिश, 40% तक तेजी की उम्मीदNew Brezza 2026: कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में नई ब्रेजा देगी टक्कर! पहली बार कार खरीदने वालों पर मारुति का दांवसोना-चांदी की तेजी पर लगा ब्रेक, जानें आज कितने गिरे भावप्रधानमंत्री मोदी का पेपर लीक पर बड़ा ऐलान, दोषियों को सजा देने बनाएंगे फास्ट-ट्रैक कोर्टहाई-टेक स्टार्टअप के लिए कमजोर रही वीसी फंडिंग, क्या Semicon 2 के बाद बदलेगा माहौल?

सूखे खेतों पर फैलेगी हरियाली की चादर

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 5:15 PM IST

उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग के ऊसर सुधार कार्यक्रम के तहत प्रतिवर्ष 5000 हेक्टेयर ऊसर भूमि सुधार का कार्य किया जाएगा।


वर्ष 2008- 09 में किसान हित योजना के अंतर्गत 23 जिलों में ऊसर सुधार कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ती हुई आबादी के साथ कृषि योग्य भूमि के क्षेत्र में वृध्दि के लिए किसान हित योजना के तहत वर्तमान वर्ष में 5000 हेक्टेयर भूमि का सुधार किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि इस योजना के किसानों को अपने ही खेत में निष्पादित अवधि में न्यूनतम 100 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाती है। इससे अपने ही गांव एवं खेत में रोजगार का अवसर सुलभ होता है। कृषि मंत्री ने बताया कि किसान हित योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना है इसमे महत्वपूर्ण चिन्हित भूमि एवं जल प्रवबंधन की योजना है।


योजना के माध्यम से समस्याग्रस्त क्षेत्र की भूमि को उपचारित कर कृषि, उद्यानीकरण, वनीकरण, जलीय खेती आदि कर उत्पादन कार्यक्रमों के तहत आच्छादित की जाएगी। उन्होंने बताया कि भूमि संरक्षण के कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मृदा परीक्षण परीक्षणशालाओं को निर्देश दिए है कि वे किसानों के द्वारा लाई गई मिट्टी के नमूने शीघ्र विश्लेषित करके उन्हें परिणाम बताए।

Advertisement
First Published - March 28, 2008 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement