चांदी की कीमतें इस साल आसमान छू रही हैं। आज यानि 28 दिसंबर को ये 79 डॉलर प्रति औंस के पार चली गईं। इसी बीच, मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक और फाइनेंशियल एडवायजर रॉबर्ट कियोसाकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी पुरानी बात दोहराई है। उन्होंने कहा कि चांदी को लेकर काफी वह उत्साहित हैं। उनका दावा है कि यह तेजी अभी खत्म नहीं हुई, बल्कि एक बड़े उछाल की सिर्फ शुरुआत है।
कियोसाकी का मानना है कि चांदी की ये रफ्तार रुकने वाली नहीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि उनका यकीन है चांदी अभी नई शुरुआत कर रही है और 2026 में 70 से 200 डॉलर तक पहुंच सकती है। मौजूदा स्तर से देखें तो उनका 200 डॉलर का टारगेट करीब 167 फीसदी की बढ़ोतरी दिखाता है। कियोसाकी कहते हैं, “मुझे लगता है कि चांदी की तेजी अभी बस शुरू हुई है और 2026 तक इसकी कीमत 70 से 200 डॉलर तक पहुंच सकती है। मैं इसे इसलिए मुमकिन मानता हूं क्योंकि इसके पीछे कई वजहें हैं।”
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इस साल चांदी की कीमतें 150 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुकी हैं। कई निवेशक सोच रहे हैं कि इतनी तेजी के बाद अब खरीदना सही रहेगा या नहीं। कियोसाकी का जवाब थोड़ा अलग है, उनका कहना है कि ये आपकी सोच पर निर्भर करता है। उनके लिए तो चांदी में अभी भी काफी दम बाकी है। वो खुद 1965 से चांदी खरीद रहे हैं, जब कीमत एक डॉलर से भी कम थी। आज इतनी ऊंचाई पर भी वो खरीदते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि वह किसी को आंख बंद करके निवेश करने की सलाह नहीं देते। वो कहते हैं कि खुद रिसर्च करें, अलग-अलग नजरिए सुनें और फिर फैसला लें। गलतियों से सीखो, जीत-हार दोनों से कुछ नया समझो, तभी असली अमीरी आएगी।
बता दें कि इस साल चांदी सबसे बेहतरीन परफॉर्म करने वाली एसेट बन गई है। लगभग 160 फीसदी की बढ़त के साथ ये 1979 के बाद सबसे शानदार साल की ओर बढ़ रही है। हालांकि, इसके पीछे कई बड़े कारण हैं जिसमें दुनिया भर में सप्लाई की दिक्कतें, इंडस्ट्री में भारी मांग और कुछ आर्थिक हालात जैसे चीजें शामिल हैं।
हाल की तेजी में वेनेजुएला में बढ़ते तनाव और रूस-यूक्रेन के झगड़े का हाथ है। अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल पर अगले दो महीनों के लिए सख्त ‘क्वारंटाइन’ लगा दिया है, जिससे सुरक्षित निवेश की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा। चांदी जैसी चीजें ऐसे समय में ज्यादा आकर्षक लगती हैं।
साथ ही, फेडरल रिजर्व अगले साल दो बार ब्याज दरें कम कर सकता है, क्योंकि महंगाई ठंडी पड़ रही है और नौकरियों के हालात नरम हो रहे हैं। कम ब्याज पर गोल्ड-चांदी जैसी चीजें ज्यादा चमकती हैं, क्योंकि ये ब्याज नहीं देतीं।