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देवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूत

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इस विलय के तहत भारत में केएफसी और पिज्जा हट के परिचालन को एक ही ऑपरेटर के अधीन लाया जाएगा, जिसे अमेरिकी मूल कंपनी यम! ब्रांड्स ने मंजूरी दे दी है

Last Updated- January 02, 2026 | 11:22 PM IST
Pizza Hut
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देवयानी इंटरनैशनल के बोर्ड ने कंपनी के परिचालन का सफायर फूड्स के साथ विलय करने को मंजूरी दे दी है जिसके बाद दलाल पथ के विश्लेषकों ने कंपनी पर अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बरकरार रखा है। गुरुवार को देवयानी फूड्स ने घोषणा की थी कि शेयर अदला-बदली समझौते के तहत सफायर फूड्स का कंपनी में विलय हो जाएगा। समझौते के अनुसार सफायर फूड्स के शेयरधारकों को हर 100 शेयरों के बदले देवयानी इंटरनैशनल के 177 शेयर मिलेंगे।

इस विलय के तहत भारत में केएफसी और पिज्जा हट के परिचालन को एक ही ऑपरेटर के अधीन लाया जाएगा, जिसे अमेरिकी मूल कंपनी यम! ब्रांड्स ने मंजूरी दे दी है। विश्लेषकों का मानना है कि देवयानी-सफायर के विलय से भारत में सबसे बड़े और सबसे विविध क्यूएसआर प्लेटफॉर्मों में से एक का निर्माण होगा।

जेएम फाइनैंशियल इंस्टिट्यूशनल सिक्योरिटीज ने कहा कि यह विलय कारोबार बढ़ाकर लाभ हासिल करने, परिचालन फायदा लेने और संशोधित वाणिज्यिक शर्तों के माध्यम से यूनिट इकनॉमिक्स में सुधार करने और ब्रांडों और भौगोलिक क्षेत्रों में निष्पादन को मजबूत देने के लिहाज से किया गया है।

देवयानी इंटरनैशनल का शेयर बीएसई पर कारोबारी सत्र के दौरान 7.7 फीसदी तक चढ़ गया था, लेकिन अंत में 0.14 फीसदी की बढ़त के साथ 148.15 रुपये पर बंद हुआ। लेकिन सफायर फूड्स के शेयर में कारोबारी सत्र के दौरान 5.5 फीसदी की गिरावट आई, मगर अंत में यह 4 फीसदी की गिरावट के साथ 250.65 रुपये पर बंद हुआ।  

देवयानी-सफायर का विलय

इस सौदे के तहत डीआईएल यम! इंडिया से 90 करोड़ रुपये में 19 केएफसी स्टोर खरीदेगी और विलय की मंजूरी और अतिरिक्त क्षेत्रीय अधिकारों के लिए 320 करोड़ रुपये का एकमुश्त भुगतान करेगी। लेकिन योजना के प्रभावी होने से पहले सफायर फूड्स की प्रवर्तक सफायर फूड्स मॉरीशस लिमिटेड को सफायर फूड्स में अपनी 18.5 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी देवयानी इंटरनैशनल की समूह कंपनी आर्कटिक इंटरनैशनल को बेचनी होगी।

अभी देवयानी इंटरनैशनल के लगभग 123.3 करोड़ बकाया शेयर हैं और सफायर फ़ूड्स के 32.1 करोड़ शेयर हैं। विलय के बाद संयुक्त इकाई के लगभग 180.2 करोड़ बकाया शेयर होंगे। यह विलय नियामक और शेयरधारकों की स्वीकृति के पर निर्भर करेगा और इसके 12-15 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।

 एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों ने कहा, ये बचत महत्त्वपूर्ण हैं, जो दोनों कंपनियों के संयुक्त एबिटा अनुमान का करीब 15 फीसदी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त इकाई का राजस्व/एबिटा अनुपात वर्तमान स्तरों की तुलना में 50-60 फीसदी अधिक होगा और यम! के साथ हुए समझौते से बेहतर निर्णय लेने, नए नवाचारों, तकनीक के उपयोग और बेहतर सोर्सिंग दक्षता के मामले में तालमेल बनेगा।

एमके ने कहा, वित्त वर्ष 2025 के वित्तीय आंकड़ों के आधार पर संयुक्त इकाई का आकार 7,800 करोड़ रुपये है और वित्त वर्ष 2025-28 के दौरान राजस्व की सालाना चक्रवृद्धि दर संभावित तौर पर 15 फीसदी है जो डोमिनोज की परिचालक जुबिलेंट फूडवर्क्स के समान है।

इसके अलावा, भारत में केएफसी के संयुक्त नेटवर्क में 1,200 स्टोर और पिज्जा हट के लगभग 1,000 स्टोर हो जाएंगे, जिससे लागत में तालमेल बनेगा। साथ ही, इस विलय से बाजार में उतरने और नए उत्पाद नवाचारों के संबंध में तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलेगी।  जेएम फाइनैंशियल ने कहा, हमारा मानना है कि विलय वाली इकाई वित्त वर्ष 2025-28 के दौरान सालाना 15 फीसदी चक्रवृद्धि राजस्व, करीब 24 फीसदी एबिटा और शुद्ध लाभ में सालाना 26 फीसदी चक्रवृद्धि की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज कर सकती है।  जेएम फाइनैंशियल, एमके ग्लोबल और यूबीएस ने देवयानी पर खरीद रेटिंग बरकरार रखी है।

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First Published - January 2, 2026 | 10:22 PM IST

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