facebookmetapixel
Advertisement
एथनॉल मिले पेट्रोल पर उठे सवालों का सरकार ने दिया जवाब, माइलेज घटने की बात भी मानीमहिलाओं के काम करने में सामाजिक सोच नहीं बल्कि नौकरियों की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा: एस. महेंद्र देवफ्लॉप से सुपरहिट बनी इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’, कैसे दर्शकों ने पलट दी बॉक्स ऑफिस की बाजीEditorial: महिलाओं की नकद हस्तांतरण योजनाओं ने बदली तस्वीर, लेकिन बढ़ा राज्यों पर वित्तीय दबावअगले दो साल में IPO के लिए तैयार होंगी 210 नई कंपनियां, रेडसीर की रिपोर्ट में हुआ खुलासाSBI Funds Management आईपीओ से पहले बेचेगी हिस्सेदारी, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट से जुटाए ₹1,655 करोड़शेयर बाजार में हफ्ते भर मची रही हलचल, रिलायंस और बैंकिंग शेयरों की दम पर आखिरी दिन हुई चौतरफा रिकवरीरूफटॉप सोलर स्कीम को मिलेगी बड़ी रफ्तार, विश्व बैंक भारत के लिए जुटाएगा $4.2 अरब का प्राइवेट फंडMSME सेक्टर को बड़ी राहत, अब सभी सरकारी कंपनियों के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म से बिल भुगतान जरूरीओयो-जॉस्टल के बीच बढ़ा कानूनी विवाद, दिल्ली HC ने बैकपैकर हॉस्टल श्रृंखला की नई अर्जी को किया खारिज

दिल्ली में इस साल लगेंगे 33 लाख पौधे

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 4:05 AM IST

दिल्ली के पर्यावरण एवं वन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से दिल्ली में वृहद वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत करेगी। इस दौरान लोगों को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी के पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस साल 18 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है, लेकिन दिल्ली सरकार ने लक्ष्य से ज्यादा 33 लाख पौधे लगाने का निर्णय लिया है। राय ने कहा कि इस कोरोना काल में जिसका प्रतिरोधक तंत्र ठीक है, वह इसकी लड़ाई को लड़ कर जीत रहा है और जिसका कमजोर है, वह इस लड़ाई को हार रहा है। दिल्लीवासियों से अपील है कि सभी लोग पौधारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि हम अपनी प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक तरीके से बढ़ा सकें। प्रतिरोधक तंत्र बढ़ाने वाली जड़ी-बूटियों के पौधे मसलन कढ़ी पत्ता, आंवला, बेहरा, जामुन, अमरूद, अर्जुन सहजन, बेल पत्ता, नींबू, तुलसी, एलोवेरा, गिलोय आदि दिल्ली के अंदर सरकारी नर्सरी से निःशुल्क दिए जाएंगे। दिल्ली में पीएम-10 को नियंत्रित करने के लिए सड़क के किनारे छोटे पौधे भी लगाए जाएंगे। राय ने बताया कि वर्ष 2017 में दिल्ली का हरित क्षेत्र 299 वर्ग किमी था, जिसे केजरीवाल सरकार ने बढ़ाकर वर्ष 2019 में 325 वर्ग किमी कर दिया है। इस साल का अभियान पूरा होने के बाद दिल्ली का हरित क्षेत्र बढ़कर 350 वर्ग किमी होने की उम्मीद है।

Advertisement
First Published - June 2, 2021 | 11:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement