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यूपी में स्टार्टअप के लिए 150 करोड़ का अलग फंड

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:08 AM IST

उत्तर प्रदेश में नई स्टार्टअप नीति में सूचना प्रौद्योगिकी के अलावा अन्य उद्योगों को भी शामिल करने के बाद अब राज्य सरकार ने इसके लिए अलग से फंड बनाया है। प्रदेश में शुरू होने वाले स्टार्टअप के लिए बने वेंचर कैपिटल फंड में योगी सरकार ने 150 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स को आवश्यक पूंजी के लिए आर्थिक सहायता का वितरण जल्दी ही शुरू हो जाएगा। प्रारंभिक पूंजी के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप फंड के नामित फंड मैनेजर, सिडबी को अब तक देश के वेंचर फंड्स से कुल 285 करोड़ रुपये की धनराशि के चार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सिडबी और स्टार्टअप नोडल संस्था की इसी महीने होने वाली वेंचर कैपिटल इन्वेस्टमेंट कमेटी की पहली बैठक में इन आवेदनों पर फैसला लिया जाएगा। नीति कार्यान्वयन इकाई से जिन स्टार्टअप्स और इन्क्यूबेटर्स के प्रस्ताव पहले ही अनुमोदित हो चुके हैं, उन्हें वितरण के लिए सरकार ने अपना कोष भी खोल दिया है और स्टार्टअप नोडल संस्था के लिए 41 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी है।
स्टार्टअप के लिए बनाए गए वेंचर कैपिटल फंड से दी गई धनराशि का वितरण स्टार्टअप को परिकल्पना स्तर पर भरण-पोषण भत्ते, व्यवसायीकरण के स्तर पर शुरुआती पूंजी सहायता तथा इन्क्यूबेटर्स को उनके अपने परिसर में सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए किया जाएगा।  सरकार की ओर से स्टार्टअप को उनके परिकल्पना स्तर पर फंडिंग, पेटेंट के पंजीयन, घरेलू तथा अंतराष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने के लिए अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की सहायता से 150 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड की भी स्थापना की गई है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में 100 इन्क्यूबेटर्स की स्थापना के साथ हर जिले में एक इक्न्यूबेटर बनाने का है।

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First Published - August 21, 2020 | 11:38 PM IST

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