facebookmetapixel
Advertisement
‘डिजिटल अरेस्ट’ को अलग अपराध बनाने पर विचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्टकम वेतन से ISRO छोड़ रहे वैज्ञानिक? इस्तीफों के बाद सरकार ने नियम किए सख्तपेपर लीक बिल पर लोकसभा में घमासान, सत्ता और विपक्ष आमने-सामनेकॉपीराइट के नाम पर उगाही का आरोप, Delhi High Court ने केंद्र और Meta को नोटिस भेजापीएम का पोस्ट हटाने का मामला, मेटा के अधिकारी जोल कैपलन तलबसोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों से निपटने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 2 घंटे में देना होगा जवाबइंडिगो ने परिचालन संकट से ली सीख, सिस्टम मजबूत कर अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर फोकसटाटा कम्युनिकेशंस और टीटीबीएस लाएंगी छोटे उद्यमों के लिए एआई प्लेटफॉर्मभारत के स्पेस-टेक स्टार्टअप में बढ़ा निवेश, पांच साल में जुटाए 87 करोड़ डॉलरटाटा संस का मुनाफा 5 साल के निचले स्तर पर, राजस्व बढ़ने के बावजूद 36% की गिरावट

WhatsApp पर स्क्रीन शेयर की तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट! जानें नया धोखाधड़ी का तरीका

Advertisement

OneCard ने ग्राहकों को चेतावनी दी है – धोखेबाज WhatsApp वीडियो कॉल और स्क्रीन-शेयरिंग के जरिए ओटीपी, पासवर्ड और बैंक डिटेल्स चुराकर खाते खाली कर रहे हैं।

Last Updated- August 18, 2025 | 2:45 PM IST
WhatsApp और Facebook सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बढ़ रहे निवेश घोटाले , Investment scams surge over social media platforms including WhatsApp, FB

डिजिटल बैंकिंग ने पैसों का लेन-देन आसान कर दिया है, लेकिन इसी के साथ धोखाधड़ी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। कार्ड जारी करने वाली कंपनी OneCard ने हाल ही में ग्राहकों को एक नए घोटाले के बारे में चेतावनी दी है, जिसे WhatsApp Screen Mirroring Fraud कहा जा रहा है। यह पहली नजर में मामूली लग सकता है, लेकिन अगर आप इसमें फंस गए तो आपकी बैंक डिटेल्स, ओटीपी और यहां तक कि पहचान की चोरी भी हो सकती है।

कैसे काम करता है ये फ्रॉड?

इस ठगी का तरीका बेहद चालाकी भरा है। ठग खुद को बैंक या किसी वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताकर आपसे संपर्क करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपके अकाउंट में कोई गंभीर समस्या है और तुरंत समाधान करना जरूरी है। इसके बाद वे आपको WhatsApp वीडियो कॉल पर लाते हैं या फिर स्क्रीन-शेयरिंग फीचर ऑन करने के लिए कहते हैं।

जैसे ही आप अपनी स्क्रीन शेयर करते हैं, ठग रीयल-टाइम में आपके मोबाइल की हर गतिविधि देख सकते हैं। चाहे वो इंटरनेट बैंकिंग हो, UPI पिन डालना हो या ओटीपी टाइप करना। कुछ मामलों में वे आपको कोई नकली ऐप या की-लॉगर डाउनलोड करने के लिए भी कह देते हैं, जो आपके फोन में टाइप की गई हर चीज रिकॉर्ड कर लेता है। इस जानकारी का इस्तेमाल करके वे आपके बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं या आपकी डिजिटल पहचान चुरा सकते हैं।

कैसे बचें इस ठगी से?

  • विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठगी का सबसे ज्यादा शिकार वे लोग बनते हैं, जो डिजिटल टूल्स से ज्यादा परिचित नहीं होते। जैसे वरिष्ठ नागरिक। इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
  • सबसे पहले, किसी भी कॉलर की पहचान हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर से मिलान करके ही करें।
  • स्क्रीन-शेयरिंग केवल भरोसेमंद लोगों के साथ ही करें और वो भी तब, जब बेहद जरूरी हो।
  • अपने फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट रखें और ऐप्स सिर्फ भरोसेमंद प्लेटफॉप्म से ही डाउनलोड करें।
  • अगर कभी ऐसा कॉल या घटना हो, तो तुरंत 1930 नंबर पर या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

याद रखें – ओटीपी और स्क्रीन कभी न शेयर करें

OneCard का साफ कहना है कि किसी भी हाल में अपनी स्क्रीन या ओटीपी किसी के साथ शेयर न करें। भले ही वो खुद को बैंक कर्मचारी बताकर क्यों न पेश करे। धोखेबाज अक्सर आपको घबराहट या जल्दबाजी में फंसाने की कोशिश करते हैं। अगर आप शांत रहें और हर जानकारी की जांच करें, तो इनसे आसानी से बच सकते हैं।

Advertisement
First Published - August 18, 2025 | 2:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement