facebookmetapixel
Stocks to Watch: Jindal Poly से लेकर Vodafone और Adani Enterprises तक, नए साल पर इन स्टॉक्स में दिख सकता है एक्शनStock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से पॉजिटिव संकेत, 2026 के पहले दिन कैसी रहेगी बाजार की चाल ?Gold-Silver Outlook: सोना और चांदी ने 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 2026 में आ सकती है और उछालYear Ender: 2025 में आईपीओ और SME फंडिंग ने तोड़े रिकॉर्ड, 103 कंपनियों ने जुटाए ₹1.75 लाख करोड़; QIP रहा नरम2025 में डेट म्युचुअल फंड्स की चुनिंदा कैटेगरी की मजबूत कमाई, मीडियम ड्यूरेशन फंड्स रहे सबसे आगेYear Ender 2025: सोने-चांदी में चमक मगर शेयर बाजार ने किया निराश, अब निवेशकों की नजर 2026 पर2025 में भारत आए कम विदेशी पर्यटक, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया वीजा-मुक्त नीतियों से आगे निकलेकहीं 2026 में अल-नीनो बिगाड़ न दे मॉनसून का मिजाज? खेती और आर्थिक वृद्धि पर असर की आशंकानए साल की पूर्व संध्या पर डिलिवरी कंपनियों ने बढ़ाए इंसेंटिव, गिग वर्कर्स की हड़ताल से बढ़ी हलचलबिज़नेस स्टैंडर्ड सीईओ सर्वेक्षण: कॉरपोरेट जगत को नए साल में दमदार वृद्धि की उम्मीद, भू-राजनीतिक जोखिम की चिंता

न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों को मिलेगी राहत!

जमाकर्ताओं को रिजर्व बैंक के अलावा बैंक के प्रशासक के समक्ष भी यह साबित करना होगा कि उसे आपातकालीन जरूरत के लिए पैसा चाहिए।

Last Updated- February 20, 2025 | 10:42 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक दिक्कतों का सामना कर रहे न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक के जमाकर्ताओं को व्यक्तिगत और स्वास्थ्य आपातकालीन स्थिति में विशेष निकासी की अनुमति देने की योजना बना रहा है। जमाकर्ताओं को रिजर्व बैंक के अलावा बैंक के प्रशासक के समक्ष भी यह साबित करना होगा कि उसे आपातकालीन जरूरत के लिए पैसा चाहिए। यह जानकारी रिजर्व बैंक के एक सूत्र ने दी।

दो सूत्रों ने बताया कि विशेष निकासी की स्थिति में 5,00,000 रुपये तक की निकासी की अनुमति दी जाएगी, जो कि जमा बीमा की भी सीमा है। वे अपनी पहचान जाहिर नहीं करना चाहते क्योंकि मीडिया से बातचीत करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। मौजूदा नियमों के अंतर्गत बैंक डूबने पर जमाकर्ताओं के 5,00,000 रुपये तक की राशि का बीमा होता है और यह राशि उन्हें 90 दिनों में अदा की जानी चाहिए। इस सिलसिले में रॉयटर्स ने रिजर्व बैंक को ईमेल कर टिप्पणी मांगी थी लेकिन जवाब नहीं मिला।

न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक बीते दो वित्तीय वर्षों से घाटे का सामना कर रही है। बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार उसने वित्त वर्ष 2024 में 22.78 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 23 में 30.75 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था। बैंक के पास 31 मार्च, 2024 तक 24.36 अरब रुपये जमा थे और उसने 11.75 अरब रुपये का ऋण वितरण कर रखा था। रिजर्व बैंक ने बीते सप्ताह बैंक को पर्यवेक्षीय चिंताओं और नकदी के मद्देनजर नए ऋण जारी करने से रोक दिया था और जमा राशि की निकासी को छह महीने तक निलंबित कर दिया गया है। इस क्रम में बैंक का प्रशासक भी नियुक्त किया गया है।

दोनों सूत्रों के मुताबिक यह स्पष्ट नहीं है कि बैंक का संचालन छह महीने बाद फिर से शुरू हो पाएगा। रिजर्व बैंक ने पहले भी जमाकर्ताओं के हितों के खिलाफ कदम उठाए जाने के कारण कुछ सहकारी बैंकों के प्रबंधन पर कार्रवाई की थी।

First Published - February 20, 2025 | 10:28 PM IST

संबंधित पोस्ट