facebookmetapixel
Advertisement
स्वास्थ्य बीमा से करेंगे परहेज तो बचत उड़ेगी, कर्ज चढ़ेगा और बिगड़ जाएगा निवेशसाकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत ढहने की घटना: मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हुई, FIR दर्जUP Diesel Crisis: धान की रोपाई से पहले यूपी के तराई जिलों में डीजल के लिए हाहाकार, नेपाल तस्करी ने बढ़ाई परेशानीIndia-US Trade Deal: अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 4 दिन की मैराथन बैठकUpcoming NFO: पैसा रखें तैयार! दो नई स्कीमें लॉन्च को तैयार, ₹500 से निवेश शुरूRBI MPC Meet: Repo Rate बढ़ेगी, घटेगी या रहेगी स्थिर…क्या होगा RBI का फैसला? बता रहे हैं एक्सपर्ट्सUpcoming IPO: प्राइमरी मार्केट में लौटी रौनक, इस हफ्ते आ रहे हैं 5 नए IPO; निवेशकों के लिए बड़ा मौकाफिनटेक सेक्टर में उतरने की तैयारी में है LIC, रणनीतिक निवेश की भी योजना : CEO आर दुरईस्वामीMarket Outlook: अमेरिका-ईरान वार्ता, RBI के ब्याज दर पर निर्णय से तय होगी शेयर बाजार की चाल2400% का बड़ा डिविडेंड! टूथपेस्ट बनाने वाली बड़ी कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते

EPFO के आंकड़ों ने दिखाई बेरोजगारी की हकीकत: फरवरी में सिर्फ 7.39 लाख नए EPF सदस्य जुड़े, कुल नियुक्तियां घटीं

Advertisement

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आंकड़ों को इसलिए भी जरूरी माना जाता है क्योंकि यह औपचारिक श्रम बाजार की स्थिति को दर्शाता है।

Last Updated- April 21, 2025 | 10:41 PM IST
EPFO
फाइल फोटो

फरवरी में लगातार तीसरे महीने मासिक नई औपचारिक नियुक्तियों में गिरावट आई है। यह औपचारिक श्रम बाजार में और अधिक गिरावट का संकेत है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा जारी ताजा मासिक पेरोल आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी के 8,23,000 के मुकाबले फरवरी में कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के नए सदस्यों की संख्या घटकर 7,39,000 रह गई।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आंकड़ों को इसलिए भी जरूरी माना जाता है क्योंकि यह औपचारिक श्रम बाजार की स्थिति को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि कामगारों में केवल औपचारिक कार्यबलों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता है और वे श्रम कानून द्वारा संरक्षित रहते हैं।

पिछले साल फरवरी में 7,77,700 नए सदस्य ईपीएफ में शामिल हुए थे। इस साल शामिल हुए 7.39 लाख नए ईपीएफ सदस्यों में युवाओं का दबदबा है और 18 से 25 साल आयु वर्ग के नए सदस्यों की संख्या 4.27 लाख यानी 57.7 फीसदी है, जो एक महीने पहले 57.07 (4.70 लाख) के मुकाबले मामूली अधिक है। इसे इसलिए जरूरी माना जाता है कि इस आयु वर्ग के सदस्य आमतौर पर श्रम बाजार में पहली बार शामिल होते हैं, जिससे इसकी मजबूती का पता चलता है। 

नए सदस्यों में महिलाओं की हिस्सेदारी जनवरी के 25.62 फीसदी (2.17 लाख) से बढ़कर 28.14 फीसदी (2.08 लाख) हो गई। आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 13.18 लाख सदस्य, जो पहले ईपीएफओ की योजनाओं से बाहर निकल गए थे, फरवरी में फिर इसमें शामिल हो गए।

Advertisement
First Published - April 21, 2025 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement