facebookmetapixel
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तेजी, मिड-मार्च तक औपचारिक समझौते का लक्ष्य: पीयूष गोयलBudget 2026 का टैक्स झटका, डिविडेंड और म्युचुअल फंड निवेश अब महंगे क्यों?₹200 तक जाएगा फर्टिलाइजर कंपनी का शेयर! हाई से 44% नीचे, ब्रोकरेज ने कहा – लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक मजबूतशेयर, सोना, डेट और रियल्टी… ​कहां-कितना लगाएं पैसा? मोतीलाल ओसवाल वेल्थ ने बताई स्ट्रैटेजीStock market outlook: बजट के बाद किन सेक्टर्स में करें निवेश? एक्सपर्ट्स ने बताए नामTata Stock: नतीजों के बाद टाटा स्टॉक पर BUY की सलाह, गुजरात सरकार के साथ डील बन सकती है गेम चेंजरFractal Analytics IPO: 9 फरवरी को खुलेगा AI स्टार्टअप का आईपीओ, प्राइस बैंड ₹857–900 तय; GMP दे रहा पॉजिटिव सिग्नलसोना खरीदने का सही समय! ग्लोबल ब्रोकरेज बोले- 6,200 डॉलर प्रति औंस तक जाएगा भावभारतीय IT कंपनियों के लिए राहत या चेतावनी? Cognizant के रिजल्ट ने दिए संकेतAye Finance IPO: अगले हफ्ते खुल रहा ₹1,010 करोड़ का आईपीओ, प्राइस बैंड ₹122-129 पर फाइनल; चेक करें सभी डिटेल्स

EPF में हर महीने छोटी बचत से बनेगा करोड़ों का रिटायरमेंट फंड, कैलकुलेशन से समझें

EPF वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, टैक्स फ्री और सरकार समर्थित रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जिससे छोटी बचत भी करोड़ों के कॉर्पस में बदल सकती है।

Last Updated- August 25, 2025 | 3:19 PM IST
EPFO
Representative Image

रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित निवेश की बात आती है तो ईपीएफ (EPF) यानी एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड सबसे बेहतर विकल्पों में से एक माना जाता है। इसमें न केवल आपकी जमा पूंजी पर ब्याज मिलता है, बल्कि पेंशन का लाभ भी जुड़ता है।

मान लीजिए कोई कर्मचारी हर महीने ₹12,536 रुपये ईपीएफ में जमा करता है, तो यह रकम लंबे समय तक कंपाउंडिंग और ब्याज के साथ बढ़कर रिटायरमेंट तक एक बड़ा फंड बना सकती है। अनुमान के मुताबिक, इतनी छोटी-सी मासिक बचत भी कई करोड़ रुपये की रिटायरमेंट कॉर्पस में बदल सकती है।

अगर आप भी बुढ़ापे में आर्थिक रूप से सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो ईपीएफ में नियमित निवेश कर आसानी से करोड़ों रुपये का फंड खड़ा कर सकते हैं।

EPF क्या है? जानिए आसान भाषा में पूरा तरीका

ईपीएफ (Employees Provident Fund) एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जिसे EPFO यानी Employees Provident Fund Organisation मैनेज करता है। इसमें हर महीने कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 12% जमा करता है। उतनी ही रकम नियोक्ता (Employer) की तरफ से भी डाली जाती है।

हालांकि, नियोक्ता का पूरा 12% ईपीएफ अकाउंट में नहीं जाता। इसमें से 8.33% रकम ईपीएस (Employees’ Pension Scheme) में जाती है, जिससे भविष्य में पेंशन का फायदा मिलता है। बाकी 3.67% रकम कर्मचारी के ईपीएफ अकाउंट में जुड़ती है।

यानी ईपीएफ न सिर्फ रिटायरमेंट के बाद एक बड़ा फंड तैयार करता है, बल्कि इसके जरिए पेंशन की सुविधा भी मिलती है।

यह भी पढ़ें: FD खोलना चाहते हैं? ये बैंक 1 साल की FD पर दे रहे हैं 7% से ज्यादा ब्याज; चेक करें लिस्ट

कैसे बनेगा करोड़ों का फंड?

अगर आपकी बेसिक सैलरी और डीए (DA) मिलाकर ₹80,000 है और आप EPF (Employees Provident Fund) में 12% योगदान करते हैं, जबकि नियोक्ता की तरफ से 3.67% जमा होता है, तो रिटायरमेंट तक आपको बड़ा फायदा मिल सकता है।

मान लीजिए आपकी सैलरी हर साल 5% बढ़ती है और आप 25 साल की उम्र से EPF में निवेश शुरू करते हैं। अगर आप 60 साल की उम्र में रिटायर होते हैं, तो उस समय तक आपके EPF अकाउंट में करीब ₹5.23 करोड़ का कॉर्पस तैयार हो जाएगा।

इस दौरान आपकी और नियोक्ता की तरफ से कुल मिलाकर करीब ₹1.35 करोड़ का योगदान किया जाएगा। यानी लंबे समय तक नियमित निवेश और ब्याज की वजह से आपकी छोटी-छोटी बचत रिटायरमेंट पर करोड़ों में बदल सकती है।

आपके दिए गए उदाहरण के आधार पर मासिक निवेश (Monthly Investment) इस तरह होगा:

  • बेसिक + DA = ₹80,000
  • कर्मचारी का योगदान (12%) = ₹9,600 प्रति माह
  • नियोक्ता का योगदान (3.67%) = ₹2,936 प्रति माह

इस तरह हर महीने कुल ₹12,536 EPF में जमा होगा।

EPF को लेकर एक्सपर्ट की राय

वेल्थ रिडिफाइन के को-फाउंडर सौम्या सरकार के मुताबिक ईपीएफ (Employee Provident Fund) वेतनभोगी लोगों के लिए एक भरोसेमंद और सरकार समर्थित बचत योजना है। इसमें हर महीने कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मिलकर योगदान करते हैं। इस पर फिलहाल 8.25% का तय ब्याज मिलता है। ईपीएफ पूरी तरह जोखिम मुक्त और टैक्स फ्री है। यह रिटायरमेंट के लिए एक बेहतरीन बचत विकल्प है। हालांकि, इसमें जमा रकम रिटायरमेंट से पहले नहीं निकाली जा सकती, सिवाय आपात स्थिति के।

डिस्क्लेमर: यह कैलकुलेशन मौजूदा ब्याज दर 8.25% और अनुमानित वार्षिक सैलरी ग्रोथ 5% से 10% मानकर किया गया है। भविष्य में ब्याज दर या सैलरी ग्रोथ बदलने पर वास्तविक राशि अलग हो सकती है।

First Published - August 25, 2025 | 3:16 PM IST

संबंधित पोस्ट