facebookmetapixel
Advertisement
भारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान

Income Tax Rule: कंपनी से Diwali पर मिले गिफ्ट्स और बोनस पर भी लग सकता है टैक्स, जानें नियम के बारे में

Advertisement

कंपनी से मिले Diwali गिफ्ट और बोनस पर छुपा है टैक्स का चौंकाने वाला सच – जानना जरूरी है

Last Updated- October 04, 2025 | 12:53 PM IST
Bonus Share
Representative Image

Income Tax Rule: दिवाली का त्यौहार नजदीक है और नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए यह खुशियों और गिफ्ट्स का समय होता है। इस अवसर पर कंपनियां अपने कर्मचारियों को उनकी मेहनत और वफादारी के लिए बोनस और गिफ्ट देती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ गिफ्ट्स और बोनस पर सरकार टैक्स भी लगाती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं।

कैश बोनस हमेशा टैक्सेबल

कंपनी से मिलने वाला कैश बोनस आपकी सैलरी का हिस्सा माना जाता है और इस पर टैक्स लगता है। इसे आपकी कुल वार्षिक आय में जोड़कर आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लिया जाता है।

गिफ्ट्स और वाउचर पर क्या है नियम

अगर कंपनी आपको मोबाइल, लैपटॉप, गिफ्ट वाउचर या कोई अन्य कीमती सामान देती है, तो इसका भी टैक्स नियमों के अनुसार निर्धारण होता है। यदि इन गिफ्ट्स की कीमत ₹5,000 से कम है, तो यह टैक्स फ्री होते हैं। लेकिन ₹5,000 से ज्यादा कीमत वाले गिफ्ट्स टैक्सेबल (Perquisite) माने जाते हैं।

Also Read: दिवाली से पहले इस राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को मिला तोहफा! सरकार ने DA में 3% बढ़ोतरी की

TDS की व्यवस्था

कंपनियां टैक्सेबल गिफ्ट्स पर TDS काटती हैं। कुछ कंपनियां टैक्स की राशि सीधे कर्मचारी की सैलरी से एडजस्ट कर देती हैं, जबकि कुछ इसे फॉर्म 16 में दिखाती हैं ताकि कर्मचारी ITR भरते समय इसका भुगतान कर सके।

कैसे करें टैक्स प्लानिंग

कर्मचारियों को अपनी टैक्स देनदारी समझना और प्लानिंग करना जरूरी है। अपनी सैलरी स्लिप और फॉर्म 16 ध्यान से देखें, जिसमें बोनस और टैक्सेबल गिफ्ट्स की जानकारी होती है। यदि आप बड़ा बोनस या महंगे गिफ्ट मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, तो इसे अपनी टैक्स प्लानिंग में शामिल करें। अपने कंपनी के HR या फाइनेंस टीम से दिवाली गिफ्ट और बोनस पर टैक्स नियमों की जानकारी लेने में हिचकिचाएं नहीं।

Advertisement
First Published - October 4, 2025 | 12:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement