facebookmetapixel
सोना खरीदने का सही समय! ग्लोबल ब्रोकरेज बोले- 6,200 डॉलर प्रति औंस तक जाएगा भावभारतीय IT कंपनियों के लिए राहत या चेतावनी? Cognizant के रिजल्ट ने दिए संकेतAye Finance IPO: अगले हफ्ते खुल रहा ₹1,010 करोड़ का आईपीओ, प्राइस बैंड ₹122-129 पर फाइनल; चेक करें सभी डिटेल्सइंजन में आग के बाद तुर्की एयरलाइंस का विमान कोलकाता में उतराईंधन नियंत्रण स्विच में कोई खराबी नहीं मिली: एयर इंडियाबोइंग 787 को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ींजयशंकर-रुबियो में व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चापीएम मोदी 7–8 फरवरी को मलेशिया दौरे पर, व्यापार से रक्षा तक द्विपक्षीय सहयोग की होगी समीक्षापूर्व सेना प्रमुख नरवणे के ‘संस्मरण’ पर संसद में तीसरे दिन भी गतिरोधएसआईआर को लेकर ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, वैध मतदाताओं के नाम काटने का लगाया आरोप

‘बैंकरों को प्रशिक्षण दें सीबीआई अधिकारी’

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी ताजा सालाना रिपोर्ट में कहा है कि पिछले 3 साल से ज्यादा समय में निजी क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी के ज्यादातर मामले आए हैं।

Last Updated- December 17, 2024 | 10:30 PM IST
Cyber Crime

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने बैंकों में धोखाधड़ी से निपटने के लिए बैंकरों के नियमित प्रशिक्षण का सुझाव दिया है। एसोसिएशन ने वित्त मंत्रालय से कहा कि वह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को सतर्कता बढ़ाने और धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा बैंकरों के वास्ते नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने का निर्देश दे।

आईबीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने पाया है कि हाल के दिनों में धोखाधड़ी के मामले बढ़े हैं। बेहतर तालमेल और धोखाधड़ी की स्थिति से निपटने के लिए बैंकरों को ज्यादा जानकारी देने के मकसद से आईबीए ने वित्त मंत्रालय को सुझाव दिया है कि सरकारी बैंक सीबीआई के अधिकारियों के साथ क्षमता निर्माण सत्रों का आयोजन कर सकते हैं। बैंक व्यक्तिगत स्तर पर भी कुछ सत्र आयोजित करने के लिए सीबीआई अधिकारियों को आमंत्रित करने के लिए सक्षम होने चाहिए।’

अधिकारी ने यह भी कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को तीसरे पक्ष की एजेंसियों, विशेष रूप से रेटिंग एजेंसियों को पैनल में शामिल करने और हटाने के लिए एक मजबूत तंत्र स्थापित करना चाहिए। अधिकारी ने कहा, ‘इस प्रक्रिया में एजेंसी का ट्रैक रिकॉर्ड, कामकाज का तरीका, नियामकीय अनुपालन और प्रदर्शन के इतिहास जैसे स्पष्ट मानदंड शामिल होने चाहिए।’

बैंकिंग सेक्टर में धोखाधड़ी के मामले पिछले 5 साल में चार गुना बढ़कर 36,075 हो गए हैं, लेकिन इस धोखाधड़ी में शामिल राशि उल्लेखनीय रूप से घटकर वित्त वर्ष 2024 में 14,000 करोड़ रुपये रह गई है, जो वित्त वर्ष 2020 में 1.85 लाख करोड़ रुपये थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी ताजा सालाना रिपोर्ट में कहा है कि पिछले 3 साल से ज्यादा समय में निजी क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी के ज्यादातर मामले आए हैं, वहीं धोखाधड़ी की राशि के मामले में सरकारी बैंक अव्वल हैं।

धोखाधड़ी की संख्या मुख्य रूप से डिजिटल भुगतान (कार्ड या इंटरनेट) के माध्यम से देखी गई है, जो वित्त वर्ष 2020 के 2,677 से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 29,082 हो गई।मूल्य के हिसाब से देखें तो मुख्य रूप से ऋण पोर्टफोलियो में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी हुई है, जो धीरे धीरे कम हो कर वित्त वर्ष 2024 में 11,772 करोड़ रुपये रह गई है। यह राशि वित्त वर्ष 2020 में 1.81 लाख करोड़ रुपये थी।

First Published - December 17, 2024 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट