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3 से 6 महीनों में मुनाफा बनाने को तैयार Pharma Stock, ब्रोकरेज ने कहा- ₹1,870 तक जाएगा भाव

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एक्सिस सिक्योरिटीज़ ने Wockhardt पर जताया भरोसा, कहा– रिसर्च और इनोवेशन की नई रणनीति से कंपनी वापसी की राह पर, 3–6 महीने में मिल सकता है 10% रिटर्न

Last Updated- July 08, 2025 | 11:10 AM IST
Trump Pharma Tariffs Impact

एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉकहार्ट (Wockhardt) ने बीते कुछ सालों में खुद को पूरी तरह बदल दिया है। पहले ये कंपनी कर्ज में डूबी और कई रेगुलेटरी दिक्कतों से जूझती थी, लेकिन अब यह इनोवेशन और रिसर्च पर ध्यान देने वाली फार्मा कंपनी बन चुकी है।

डॉ. रेड्डीज को अपने घरेलू ब्रांड बेचने के बाद वॉकहार्ट ने उससे मिले पैसों से कर्ज चुकाया और रिसर्च पर खर्च बढ़ाया। कंपनी की सालाना कमाई ₹2,800 करोड़ से ₹3,000 करोड़ के बीच बनी रही है। FY23 में कंपनी को ₹600 करोड़ से ज्यादा का घाटा हुआ था, लेकिन FY25 में यह घाटा घटकर सिर्फ ₹47 करोड़ रह गया, जो बड़ा सुधार है। यह बदलाव अमेरिका में घाटे में चल रहे मर्टन ग्रोव प्लांट को बंद करने और खर्चों में कटौती की वजह से मुमकिन हुआ।

नई दवाओं और बाजारों में मौके

वॉकहार्ट ने हाल ही में निमोनिया के इलाज के लिए Miqnaf नाम की दवा भारत में लॉन्च की है। दुनियाभर में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ रहा है, ऐसे में यह दवा बड़ा मौका बन सकती है। Miqnaf को सऊदी अरब में ‘Breakthrough Medicinal Product’ का दर्जा भी मिला है, जिससे वहां इसकी एंट्री तेज हो सकती है।

इसके अलावा Zaynich नाम की एक और नई दवा पर कंपनी काम कर रही है, जिसकी ग्लोबल मार्केट वैल्यू लगभग 9 अरब डॉलर मानी जा रही है। कंपनी डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाले ‘mypen 2’ जैसे मेडिकल डिवाइसेज़ में भी एंट्री कर रही है। इन कदमों से वॉकहार्ट की कमाई और मुनाफा दोनों बढ़ सकते हैं।

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कर्ज में भारी कमी

FY24 और FY25 में कंपनी ने ₹1,600 करोड़ QIP के ज़रिए और पहले ₹748 करोड़ राइट्स इश्यू से जुटाए थे। इससे कंपनी का नेट डेट FY25 में घटकर सिर्फ ₹64 करोड़ रह गया, जबकि दो साल पहले यह ₹975 करोड़ से ज्यादा था। कम कर्ज की वजह से ब्याज खर्च भी घटा और घाटे में कमी आई। अब कंपनी के पास रिसर्च और इंटरनेशनल एक्सपेंशन के लिए ज़्यादा फंड और आज़ादी है।

विश्लेषकों की राय

एक्सिस सिक्योरिटीज का मानना है कि कंपनी की रणनीति अब जटिल जेनेरिक दवाओं, बायोसिमिलर्स और नई एंटीबायोटिक्स पर टिकी है। नई दवाओं की लॉन्चिंग, अमेरिका-यूरोप में सुधार और मजबूत बैलेंस शीट की वजह से कंपनी आने वाले समय में मुनाफे में लौट सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, वॉकहार्ट के शेयर में 3 से 6 महीनों में मौजूदा कीमत से करीब 10% की बढ़त की संभावना है और इसे BUY की रेटिंग दी गई है। टारगेट प्राइस ₹1,870 रखा गया है।

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कंपनी क्या करती है?

वॉकहार्ट लिमिटेड एक भारतीय फार्मा और बायोटेक कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है। यह दवाइयों, एपीआई (Active Pharmaceutical Ingredients) और बायोसिमिलर उत्पाद बनाती है। कंपनी की मौजूदगी भारत, अमेरिका, यूरोप और यूके सहित 20 से ज्यादा देशों में है। वॉकहार्ट बायोसिमिलर इंसुलिन और इनोवेटिव दवाओं के लिए भी जानी जाती है।

डिस्क्लेमर: यह खबर ब्रोकरेज की रिपोर्ट के आधार पर है, निवेश संबंधित फैसले लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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First Published - July 8, 2025 | 11:10 AM IST

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