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मौजूदा समय में सोना और चांदी क्यों है सबसे सही निवेश, जिम रॉजर्स ने बताई वजह

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जिम रॉजर्स का मानना है कि आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता में सोना और चांदी निवेश के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प हैं, जबकि शेयर बाजार में सतर्क रहना जरूरी है।

Last Updated- September 30, 2025 | 9:45 PM IST
Jim Rogers

2025 में अब तक सोने और चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल आई है। रोजर्स होल्डिंग्स के चेयरमैन जिम रोजर्स ने पुनीत वाधवा को फोन पर दिए साक्षात्कार में बताया कि दुनिया ऐसे दौर से गुजर रही है जहां कई देशों में कागज की मुद्रा पर भरोसा घट गया है और लोग तांबा, सोना और चांदी जैसी वास्तविक संपत्तियों का रुख कर रहे हैं। उनका मानना ​​है कि इतिहास में ऐसा होता आया है और आगे भी होता रहेगा। संपादित अंश:

सोने और चांदी के बारे में आपकी क्या राय है? क्या आपके पास अभी ये दोनों धातुएं हैं और आपकी रणनीति क्या है?

हां, मेरे पास सोना और चांदी दोनों हैं। मौजूदा स्तरों पर मैं और ज्यादा नहीं खरीदूंगा। लेकिन अगर कीमतें गिरती हैं तो मैं जरूर अपनी होल्डिंग बढ़ाऊंगा। मैं उन्हें बेचूंगा भी नहीं। मेरे लिए सोना और चांदी लंबी अवधि का बीमा हैं।

मतलब आप कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं?

बिल्कुल। मुझे लगता है कि अगले कुछ सालों में ये और भी ज्यादा बढ़ जाएंगी। दुनिया गंभीर समस्याओं के दौर से गुजर रही है और खुद को बचाने के कुछ तरीकों में से एक सोना-चांदी हैं। सैकड़ों सालों का सच यही है और आगे भी सच रहेगा। लोग कारणों को लेकर सही हैं या गलत, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वे मानते हैं, यहीं अपना पैसा लगाते हैं और मैं यही करता हूं।

क्या अगले दो या तीन वर्षों में सोने और चांदी की कीमतें दोगुनी हो सकती हैं?

मुझे नहीं पता और भविष्यवाणी करना भी मुश्किल है। मैं बस इतना जानता हूं और चाहता हूं कि मेरे बच्चे किसी दिन मेरे सोने-चांदी के वारिस बनें, न कि जल्द ही सब बेच दें।

क्या अगले कुछ वर्षों में रिटर्न के मामले में सोना और चांदी शेयरों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं?

ज्यादातर देशों में शेयर बाजार असामान्य रूप से लंबे समय से बढ़त की राह पर हैं। इससे आमतौर पर समस्याएं होती हैं। मैं अभी शेयरों में शॉर्ट नहीं कर रहा हूं। लेकिन मैं बहुत सतर्क हूं। अगर आप मुझसे पूछें कि मैं अपना पैसा कहां लगाना पसंद करूंगा तो मैं ज्यादातर देशों में शेयरों की बजाय सोने और चांदी में निवेश करूंगा।

तांबे में भी हाल में अच्छी तेजी आई है। आपकी क्या राय है?

मैं भी इसे शॉर्ट नहीं करूंगा। हम ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जब कई देशों में कागज की मुद्रा पर भरोसा घटता जा रहा है और लोग तांबा, सोना और चांदी जैसी वास्तविक संपत्तियों का रुख कर रहे हैं। इतिहास में ऐसा होता आया है और आगे भी होता रहेगा।

दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। आप इसे किस ओर जाता देख रहे हैं?

अगर भू-राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ती है तो कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ेंगी। फ़िलहाल, मेरे पास कोई कच्चा तेल नहीं है। मैं बस हालात पर नजर रख रहा हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस समय क्या करूं।

राष्ट्रपति के तौर पर ट्रंप के कार्यकाल और वैश्विक बाजारों पर इसके असर के बारे में आपके विचार?

डॉनल्ड ट्रंप अच्छे इंसान लगते हैं। लेकिन सच कहूं तो वे बहुत चतुर नहीं लगते। फिर भी वे अमेरिका के राष्ट्रपति हैं और यह सचाई है। वैसे भी टैरिफ अर्थव्यवस्थाओं के लिए कभी भी अच्छे नहीं रहे हैं। ये थोड़े समय के लिए बहुत कम लोगों के समूह के लिए मददगार हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय में ये लगभग सभी के लिए बुरे होते हैं। दुर्भाग्य से ट्रंप को लगता है कि टैरिफ अच्छे हैं, शायद इसलिए कि वे अपने दोस्तों की मदद करना चाहते हैं। लेकिन इतिहास गवाह है कि टैरिफ काम नहीं करते। टैरिफ से विकृतियां और अक्षमताएं पैदा होती हैं।

अगले 6 से 12 महीनों में वैश्विक बाजारों की स्थिति कैसी रहेगी?

हाल में दुनिया भर के बाजार नए सर्वकालिक शिखर को छू रहे हैं। हर कोई बहुत खुश है और यह बात मुझे सचमुच परेशान कर रही है। मेरा अनुभव बताता है कि जब सब लोग खुश हों तो सावधान रहने का समय आ गया है। मुझे इस बात की चिंता है कि अभी हालात कितने अच्छे दिख रहे हैं।

और भारत?

भारत अलग है। ज़िंदगी में पहली बार मुझे लग रहा है कि भारत वाकई समझता है कि चीजों को कैसे चलाया जाए। मुझे हमेशा से भारत से प्यार रहा है, लेकिन अब मैं बेहद प्रभावित हूं। नई दिल्ली का नेतृत्व सचमुच मानता है कि समृद्धि और सफलता अच्छी चीज़ें हैं और वे इसे प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह एक बड़ा और रोमांचक बदलाव है।

क्या आप बाजार के मौजूदा स्तरों पर भारत में निवेश करेंगे?

अगर भारतीय बाजार में गिरावट आती है तो मुझे लगता है कि मैं खरीदारी कर सकूंगा। जैसा कि मैंने कहा, भारत मुझे अभी उत्साहित कर रहा है, ऐसा लगता है कि सरकार सचमुच समझती है कि वृद्धि और संपदा सृजन सकारात्मक चीज़ें हैं। यह बहुत ही उत्साहजनक बदलाव है।

एक वर्ष के लिहाज से वैश्विक वित्तीय बाजारों के प्रमुख जोखिम क्या हैं?

अमेरिका सबसे बड़ा जोखिम है। अमेरिकी बाजार अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर हैं और यह अमेरिका के इतिहास में सबसे लंबी तेजी है। साथ ही अमेरिका का कर्ज लगातार बढ़ते हुए चौंकाने वाले स्तर तक पहुंच रहा है। यही बात मुझे सबसे ज्यादा चिंतित करती है।

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First Published - September 30, 2025 | 12:26 PM IST

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