facebookmetapixel
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 18.3% का इजाफा, बजट बढ़कर ₹35.1 लाख करोड़ पहुंचामॉनसून पर मंडराया अल नीनो का साया: स्काईमेट ने जताई 2026 में सूखे और कम बारिश की गंभीर आशंकाPDS में अनाज की हेराफेरी पर लगेगा अंकुश, सरकार लाएगी डिजिटल ई-रुपी वाउचरIndia- EU FTA से 5 साल में यूरोप को निर्यात होगा दोगुना, 150 अरब डॉलर तक पहुंचेगा व्यापार: पीयूष गोयलMoody’s का दावा: यूरोपीय संघ के साथ समझौता भारत को देगा बड़ा बाजार, अमेरिकी टैरिफ से मिलेगी सुरक्षाRBI का नया कीर्तिमान: स्वर्ण भंडार और डॉलर में उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा भंडार सर्वकालिक उच्च स्तर परBPCL की वेनेजुएला से बड़ी मांग: कच्चे तेल पर मांगी 12 डॉलर की छूट, रिफाइनिंग चुनौतियों पर है नजरमासिक धर्म स्वास्थ्य अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार: छात्राओं को मुफ्त मिलेगा सैनिटरी पैड500 यूनिवर्सिटी छात्रों को मिलेंगे GPU और AI टूल्स, इंडिया AI मिशन का दायरा बढ़ाएगी सरकारराज्यों के पूंजीगत व्यय की धीमी रफ्तार: 9 महीनों में बजट का केवल 46% हुआ खर्च, केंद्र के मुकाबले पिछड़े

Wall Street: अमेरिकी शेयर बाजार चढ़े, डॉलर में सुधार, टैरिफ बातचीत और आर्थिक आंकड़ों पर टिकी नजर

Wall Street: अमेरिका के तीनों प्रमुख शेयर सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। डाउ जोंस 214 अंक, एसएंडपी 500 करीब 34 अंक और नैस्डैक 156 अंक चढ़ गया।

Last Updated- June 04, 2025 | 8:13 AM IST
Wall Street

Wall Street: मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली, वहीं डॉलर में भी मजबूती लौटी। इसकी दो प्रमुख वजहें रहीं – अमेरिका और चीन के बीच चल रही टैरिफ बातचीत में थोड़ी प्रगति और शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट से पहले निवेशकों की सतर्क तैयारी। टेक्नोलॉजी शेयरों की मदद से नैस्डैक सबसे आगे रहा। व्हाइट हाउस की ओर से यह भरोसा दिलाया गया कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इस हफ्ते चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर सकते हैं ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार विवाद को सुलझाया जा सके।

सोने की कीमत में गिरावट आई क्योंकि डॉलर में मजबूती देखी गई। डॉलर की रिकवरी से सोने की चमक कुछ फीकी पड़ गई। सोना करीब चार हफ्तों के हाईउच्च स्तर से नीचे आ गया। कई निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की, जिससे कीमत में गिरावट आई।

बाजार में बढ़त का कारण खुद एक्सपर्ट्स को भी साफ नहीं

Horizon Investment Services के CEO चक कार्लसन ने कहा कि बाजार में तेजी की कोई एक सीधी वजह बताना मुश्किल है। उन्होंने माना कि निवेशकों को अब लगने लगा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ नहीं जा रही। साथ ही शुक्रवार को आने वाली जॉब रिपोर्ट से पहले कुछ लोग अपने निवेशों को लेकर पहले से पोजिशन ले रहे हैं।

अमेरिका अपने व्यापार साझेदारों पर दबाव बना रहा है कि वे बुधवार तक अपने प्रस्ताव दें। लेकिन लंबे समय से चल रही बातचीत और बार-बार बढ़ती डेडलाइनों के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर आशंका बढ़ रही है। OECD ने कहा है कि दुनिया की आर्थिक वृद्धि पहले से ज्यादा सुस्त हो सकती है और इसकी बड़ी वजह ट्रंप का ट्रेड वॉर है। इसने चेतावनी दी कि अगर संरक्षणवाद (protectionism) और बढ़ा तो महंगाई और सप्लाई चेन की दिक्कतें और गहराएंगी।

मंगलवार को अमेरिकी श्रम विभाग ने बताया कि अप्रैल महीने में खाली नौकरियों की संख्या उम्मीद से ज्यादा रही, लेकिन दूसरी ओर फैक्ट्री ऑर्डर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। अब सबकी निगाहें शुक्रवार को आने वाली मई की रोजगार रिपोर्ट पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मई में अमेरिका में करीब 1.3 लाख नई नौकरियां जुड़ी होंगी और बेरोजगारी दर 4.2% पर स्थिर रह सकती है।

अमेरिकी और वैश्विक बाजारों का हाल

अमेरिका के तीनों प्रमुख शेयर सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। डाउ जोंस 214 अंक, एसएंडपी 500 करीब 34 अंक और नैस्डैक 156 अंक चढ़ गया। यूरोपीय बाजारों में भी हल्की बढ़त देखने को मिली, क्योंकि यूरोज़ोन में महंगाई दर यूरोपीय सेंट्रल बैंक के लक्ष्य से नीचे चली गई है, जिससे आगे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बनी है। एशियाई बाजारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई थोड़ा गिरा, जबकि बाकी एशिया में हल्की बढ़त रही।

डॉलर इंडेक्स मंगलवार को 0.71% की मजबूती के साथ 99.28 पर पहुंच गया। युआन और येन के मुकाबले डॉलर में तेजी रही। दूसरी ओर, अमेरिका के 10 और 30 साल की अवधि वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड थोड़ी घटी, जबकि 2 साल के बॉन्ड की यील्ड मामूली बढ़ी, जिससे साफ है कि बाजार में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

ईरान और यूक्रेन संकट की वजह से तेल की कीमत में उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आया है। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और यूक्रेन युद्ध की बढ़ती गंभीरता ने कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी क्रूड 1.42% बढ़कर 63.41 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.55% चढ़कर 65.63 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। डॉलर की मजबूती के साथ-साथ निवेशकों की ओर से की गई मुनाफावसूली की वजह से सोना 0.78% गिरकर 3,352.87 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। अमेरिकी सोना वायदा भी 0.59% गिरकर 3,350.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

First Published - June 4, 2025 | 7:51 AM IST

संबंधित पोस्ट