facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, सख्त रुख से बाजार की चिंता बढ़ीविदेशी निवेशकों की खरीदारी से लगातार दूसरे दिन चढ़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स 274 अंक मजबूतबजाज फाइनैंस का पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन, प्रॉफिट 29% बढ़ा, एसेट क्वालिटी में सुधारAI पर बड़ा दांव, बजाज फाइनैंस ने 10 साल में ₹40 लाख करोड़ AUM का रखा लक्ष्यRBI की मौद्रिक नीति से पहले जियो क्रेडिट, हीरो फिनकॉर्प समेत कंपनियों ने बॉन्ड से ₹2,520 करोड़ जुटाएदेशभर में केवल E-20 पेट्रोल बिक्री के लिए उपलब्ध, रसीद पर एथनॉल प्रतिशत दिखाना जरूरी नहीं: गडकरीप्राकृतिक आपदाओं से अनाज का नुकसान 77% घटा, FCI ने भंडारण व्यवस्था को बताया सुरक्षितGSTN ने नई E-Way Bill सुविधाएं वापस लीं, फिलहाल पुराने नियम ही रहेंगे लागूNEP 2020 के 6 साल बाद भी अधूरे लक्ष्य, फंडिंग और ढांचागत कमी बनी सबसे बड़ी चुनौतीHurun India Women Leaders 2026: प्रिया नायर टॉप पर, 117 महिला लीडर्स की लिस्ट में बढ़ी भारतीय बेटियों की मौजूदगी

नकदी व एफऐंडओ में ट्रेडिंग वॉल्यूम ने लगाया गोता

Advertisement

एनएसई (NSE) और बीएसई (BSE) पर नकदी में रोजाना का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 12.4 फीसदी घटकर 1.14 लाख करोड़ रुपये रह गया।

Last Updated- November 03, 2024 | 11:24 PM IST
F&O volume hit new highs despite STT hike

नकदी और डेरिवेटिव सेगमेंट में अक्टूबर में कारोबार की मात्रा घट गई। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक सतर्क हो गए हैं। यह गिरावट ऐसे समय हुई जब बेंचमार्क सूचकांकों ने मार्च 2020 के बाद सबसे तेज मासिक गिरावट दर्ज की।

एनएसई (NSE) और बीएसई (BSE) पर नकदी में रोजाना का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 12.4 फीसदी घटकर 1.14 लाख करोड़ रुपये रह गया। यह अप्रैल के बाद का सबसे निचला स्तर है।

वायदा एवं विकल्प सेगमेंट में रोज का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 3.5 फीसदी घटकर 518 लाख करोड़ रुपये रह गया। जून में 1.65 लाख करोड़ रुपये के उच्चस्तर पर पहुंचने के बाद नकदी में रोज का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 30 फीसदी से ज्यादा घटा है।

कैश यानी नकदी वॉल्यूम में गिरावट इंट्राडे ट्रेडिंग से जुड़े जोखिम को लेकर सेबी की चेतावनी के बाद हुई है। जुलाई में सेबी के अध्ययन में बताया गया था कि 71 फीसदी इंट्राडे सौदों में नुकसान हुआ है।

अक्टूबर में एनएसई निफ्टी 6.22 फीसदी गिरा जबकि एनएसई निफ्टी मिडकैप 100 और एनएसई निफ्टी स्मॉलकैप 100 में क्रमश: 6.7 फीसदी और 3 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। कई शेयरों में तो इससे भी ज्यादा गिरावट आई। इस कारण कुछ निवेशकों ने अपनी ट्रेडिंग गतिविधियां रोक दीं।

इस बीच, डेरिवेटिव वॉल्यूम हालांकि सितंबर के उच्चस्तर से मामूली ही घटे हैं लेकिन आगे के महीनों में इनमें 20 से 30 फीसदी की गिरावट की आशंका है क्योंकि डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर सेबी के सख्त नियम लागू हो जाएंगे।

20 नवंबर से एनएसई व बीएसई एक-एक इंडेक्स एनएसई निफ्टी और एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स में सिर्फ साप्ताहिक एक्सपायरी की इजाजत देगा। दोनों एक्सचेंजों ने निफ्टी बैंक, निफ्टी मिडकैप सलेक्ट, निफ्टी फाइनैंशियल सर्विसेज और बीएसई बैंकेक्स के साप्ताहिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की घोषणा की है।

इसके अलावा इंडेक्स डेरिवेटिव के लिए कॉन्ट्रैक्ट का आकार भी तिगुना होने वाला है। अन्य कदम मसलन खरीदारों से ऑप्शन प्रीमियम का अग्रिम संग्रह और पोजीशन लिमिट की इंट्राडे निगरानी अगले साल से प्रभावी होंगे।

Advertisement
First Published - November 3, 2024 | 11:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement