facebookmetapixel
Advertisement
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के अगले चरण की तैयारी, 10,000 सर्किट किमी ट्रांसमिशन नेटवर्क बनेगापश्चिम एशिया संकट से सबक, भारत को मजबूत करने होंगे तेल भंडार और घरेलू उत्पादनकैबिनेट ने ₹23,731 करोड़ की गोबरधन योजना को दी मंजूरी, CBG उत्पादन बढ़ाने पर जोरविकसित भारत के लिए 21 साल तक 9.25% विकास दर जरूरी: अशोक लाहिड़ी भारत के ई20 लक्ष्य पर ब्राजील का भरोसा, जैव ईंधन को बताया पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए जरूरीउदारीकरण के 35 साल: भारत ने चीन से पहले दवा बनानी शुरू की लेकिन अब चीन वर्षों आगेतकनीक के सहारे बाजार सुधार पर जोर, सेबी लाएगा सेतु पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टमनजारा टेक्नॉलजीज ने तरजीही इश्यू से 733.5 करोड़ रुपये जुटाए, नए CEO रेमंड स्टॉफर करेंगे सबसे बड़ा निवेशम्युचुअल फंड कंपनियों की नई रणनीति, अलग-अलग थीम पर फोकस करेंगी नई स्कीमेंरक्षा शेयरों का जलवा: जून तिमाही में 2.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ा मार्केट कैप, लंबी अवधि में ग्रोथ की उम्मीद

शुक्रवार को होगी बाजार में धमाकेदार शुरुआत

Advertisement

अमेरिका द्वारा शुल्कों पर 90 दिन की राहत से वैश्विक बाजारों में आई बहार; सेंसेक्स-निफ्टी में 2% की तेजी की उम्मीद, लेकिन टिकाऊ रैली पर विश्लेषकों को संदेह

Last Updated- April 10, 2025 | 11:09 PM IST
Stock Market

घरेलू बाजार शुक्रवार को शानदार शुरुआत के लिए तैयार हैं। शुल्कों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के अप्रत्याशित रूप से कदम वापस खींचने के बाद दुनिया भर के बाजारों में तेजी आई है। लिहाजा, घरेलू बाजारों में शुक्रवार को शानदार तेजी देखी जा सकती है। कारोबारियों का कहना है कि सेंसेक्स और निफ्टी 2-2 फीसदी ऊपर खुल सकते हैं और आईटी और फार्मा जैसे कई क्षेत्रों में 5 फीसदी तक की तेजी आ सकती है।

लेकिन बाजार विश्लेषक तेजी के टिकाऊ होने को लेकर आशंकित हैं। कारोबारियों की निगाह गहराती आर्थिक मंदी और अस्थिरता पर है। बुधवार को ट्रंप ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार देशों पर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क 90 दिन रोकने की घोषणा की। इसके साथ ही चीन पर शुल्क 104 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दिया। इस दौरान ज्यादातर अन्य देशों से आयात पर 10 प्रतिशत आधार शुल्क लागू रहेगा।

इस कदम को व्यापार युद्ध से पीछे हटने का प्रारंभिक कदम माना जा रहा है। यही वजह है कि गुरुवार को वैश्विक इक्विटी बाजारों में शानदार तेजी देखी गई। यूरोपीय बाजारों में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई जबकि जापानी बाजार 9 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। भारतीय बाजार अवकाश की वजह से गुरुवार को बंद रहे। कारोबारियों का कहना है कि घरेलू बाजारों में तेजी यूरोप या जापान जितनी तेज नहीं होगी, क्योंकि भारतीय बाजारों में इतनी अधिक गिरावट नहीं आई है।
2 अप्रैल से सेंसेक्स 3.6 फीसदी गिरा है जबकि निफ्टी में 4 फीसदी की गिरावट आई है और इस वजह से बीएसई पर सूचीबद्ध फर्मों का बाजार पूंजीकरण 19.2 लाख करोड़ रुपये तक घट गया।

अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी आई। बुधवार को एसऐंडपी 500 में 9.5 प्रतिशत की तेजी आई और नैस्डैक 12.2 प्रतिशत चढ़ गया। हालांकि, अमेरिकी बाजार में उत्साह कम होता दिखा है क्योंकि गुरुवार को वायदा कारोबार में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। येस सिक्योरिटीज के कार्यकारी निदेशक अमर अंबानी ने कहा, ‘कल बाजार में तेजी की संभावना है।‘यूबीएस की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यह वैश्विक तेजी निवेशकों को फिर से आकलन करने, बदलाव लाने और अस्थिर दूसरी तिमाही के लिए तैयार रहने का मौका दे रही है।’

 

Advertisement
First Published - April 10, 2025 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement