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Market Closing: मुनाफावसूली के चलते लगातार चौथे दिन बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 386 अंक फिसला; निफ्टी 25056 पर बंद

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Market Closing: ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग ने भी बाजार को नीचे की तरफ खींचा। वहीं, विदेशी निवेशकों की लगातार जारी बिकवाली से बाजार पर दबाव पड़ा है।

Last Updated- September 24, 2025 | 3:53 PM IST
share market
Representative Image

Stock Market Closing Bell, Wednesday 24 September 2025: वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतो के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार (24 सितंबर) को लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में गिरावट में बंद हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नए H-1बी वीजा नियमों में बदलाव के बीच आईटी स्टॉक्स में दबाव देखा गया। साथ ही ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग ने भी बाजार को नीचे की तरफ खींचा। वहीं, विदेशी निवेशकों की लगातार जारी बिकवाली से बाजार पर दबाव पड़ा है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से त्योहारी सीजन से जुड़ी उपभोग मांग में सुधार की संभावनाएं कमजोर पड़ सकती है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने मंगलवार को भी बिकवाली की। उन्होंने 3,551 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। यह सितंबर में भारत में उनकी किसी एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी बिकवाली रही।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) करीब 200 अंक टूटकर 81,917.65 पर खुला। खुलते ही इसमें गिरावट गहरा गई और कारोबार के दौरान यह 81,607.84 अंक तक गिर गया था। अंत में यह 386.47 अंक या 0.47 फीसदी की गिरावट लेकर 81,715 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 25,108.75 पर खुला। खुलते ही इसमें गिरावट गहरा गई। कारोबार के दौरान यह 25,027 के इंट्रा-डे लौ तक गया। अंत में यह 112.60 अंक या 0.45 फीसदी गिरकर 25,056 पर बंद हुआ।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”जीएसटी सुधारों के बाद भारतीय बाजारों में मुनाफावसूली देखने को मिली है। निवेशक अब वैल्यूएशन और दूसरी तिमाही के नतीजों को लेकर अपने अनुमान दोबारा तय कर रहे हैं। आईटी शेयरों ने कमजोर प्रदर्शन किया है। इसका कारण H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी है। साथ ही अमेरिका के ट्रेड रुख और वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेतों के चलते निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। भारत के तुलनात्मक रूप से हाई वैल्यूएशन और कम होती अर्निंग्स ग्रोथ के चलते विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अपने पोर्टफोलियो में कटौती कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, ”हालांकि, स्ट्रक्चरल सुधार और घरेलू ग्रोथ फैक्टर्स बाजार की बुनियादी दिशा को मजबूत बनाए हुए हैं। वर्तमान में जो चुनौतियां हैं, वे अस्थायी दिख रही हैं और समय के साथ इनका असर कम होने की उम्मीद है।”

Top Losers & Gainers

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, विप्रो, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, बजाज ऑटो, इंडसइंड बैंक, हीरो मोटोकॉर्प, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक और टेक एम आज निफ्टी इंडेक्स पर सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। इनमें 1 प्रतिशत से 2.6 प्रतिशत तक की गिरावट आई। जबकि पावर ग्रिड, हिंदुस्तान यूनीलीवर, एनटीपीसी, एचसीएल टेक, मारुति के शेयर चढ़कर बंद हुए।

ब्रोडर मार्केट में में भी इसी तरह का रुख देखा गया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.98 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.67 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स को चढ़ सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा गिरावट वाला सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.15 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.8 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।

Global Markets

एशियाई बाजारों की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। अमेरिकी बाजारों में नुकसान देखने को मिला जब फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि ‘इक्विटी की कीमतें काफी ज्यादा वैल्यूएशन पर हैं। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.4 प्रतिशत नीचे चल रहा था जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.35 प्रतिशत गिरा। वहीं, साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.45 प्रतिशत नीचे फिसला।

वॉल स्ट्रीट ने बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बीच थोड़ी राहत ली। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि ब्याज दरों में कटौती का रास्ता स्पष्ट नहीं है और यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स 0.95 प्रतिशत गिरा, जबकि डॉव जोन्स लगभग 0.2 प्रतिशत बढ़ा।

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First Published - September 24, 2025 | 8:00 AM IST

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